अपने अहंकार में चूर होकर,
जो सबका बाप हो जाता है,
उस तुच्छ के लिये अमरत्व का वरदान भी श्राप हो जाता है..!!
इंसानी फितरत है साहब,
सज़ा हो या सलाह सिर्फ दुसरो को ही दी जाती है….!!
घर का बटवारा मंजूर मुझे दिलों का #बंटवारा कभी ना हो...!!धन दौलत सब बाट लो लेकिन रिश्तो में इंसानियत की कमी ना हो..!!दूरी हो चाहे कितनी लेकिन दिल की दूरी ना कभी ना हो..!!दुख दर्द देख कर दूजे का ऐसा...
भरे बाजार से अक्सर मैं खाली हाथ आया हूँ ,
कभी ख्वाहिश नहीं होती कभी पैसे नहीं होते ।।
हज़ार बुराईयां हैं मुझमें, अच्छाई सिर्फ एक ही हैतुम्हारे 'न चाहने पर भी… "तुम्हें चाहते हैं.
तुम वही हो जो तुम सोचते हो !
वक्त से पहले हादसों से लड़ा हूँ..
मैं अपनी उम्र से कई साल बड़ा हूँ।
मुमकिन नहीं मेरा पहले जैसा हो पाना
खुद को बहुत पीछे छोड़ आई हूँ मैं
लफ्ज़ करेंगे इशारा जाने का……!!!🦋तुम आँखें पढ़ना और रुक जाना….
क्योंकि नहीं मिलते विचार तुम्हारे हमारे, अलग अलग रास्ते से क्यों ना पहुंचे हम मंज़िल तक
गांव की मिट्टी के पले बढ़े हैं,हमें अदाएं कम और मर्यादाएं ज्यादा पसंद हैं….
मोहब्बत वो बेइंतहा करता है मुझसे सोकरता है ख़ुद बुराई , बता कर बुरा मुझे …
हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं
दिल हमेशा उदास रहता है
"नजरों का खेल था साहब"
"वो चुरा ना सके हम हटा ना सके"
सफर मुस्किल है मगर काटेंगे अकेले ही..!
#वफा का समुन्दर कभी रूकता नहीं इश्क़ मे चला हैं वो कभी झुकता नही, मरहम धीरे से ही लगाना मेरे जख्मों पर, तूं ये ना समझ मेरा दिल दुखता नहीं...!!!
राम-राम के जाप में तेरे,
पहले सा आराम नहीं,
जबरदस्ती के जय श्री राम में,
सब कुछ है बस राम नहीं
नेक बनने की कोशिश करो,
जैसे खूबसूरत बनने की करते हो...
वक़्त चाहे कितना भी बदल जाए ,..पर चाय से मोहब्बत नहीं बदलेगी…!!