असत्य है ईश्वर नहीं मारताउसकी निर्माण सत्ता का भवन नहीं बिखरता एक पिता की मृत्यु परथरथरा कर रेत साधड़ाम से गिर पड़ता हैईश्वरीय सत्ता का भवनऔरप्रत्येक मां की मृत्यु परसंतान दृष्टि मेंमर जाता है ईश्वरक्योंकि मां ही ईश्वर का प्रतिबिंब...
संस्कार ही ऐसे मिले है जनाब दिल से उतरे लोंगो से भी तमीज़ से बात करते है...
जब जब तू गीत मोहब्बत के गाएगी,
मेरी रूह को अपने आसपास ही पाएगी,
और नहीं हुआ मुकम्मल इश़्क़ तो ग़म मत करना,
मैं मौजूद रहूंगा तेरे संगीत में, जब भी तू साज बजाएगी..!!
विरक्ति
चार दिन आंखों में नमी होगी,
मैं मर भी जाऊं तो क्या कमी होगी ?
मरना है इक रोज सभी को ही बस ख्वाहिश इतनी है उस पल हाथों में हाथ बस तेरा होरहे तू सामने मेरे और मेरी आंखों को दीदार सिर्फ तेरा हो.... जा सकूं मैं इस दुनिया से चैन से इस तरह...
अगर दिशा दिखाने वाला सही हो तो,
दीपक का प्रकाश भी सूर्य का कार्य करता है...
धागे बहुत कमज़ोर चुन लेते हैं हम,
और फिर सारी उम्र गाठ बांधने में गुज़र जाती है...
जो भीड़ से अलग हो,,
ज़रूरी नहीं वो हमेशा गलत हो,,
कीर्ति चन्द्रा
आजकल वो कुछ कहते नहीं है मशरूफियत है या नाराज़गी…?
बड़ी ठोकरें खाकर समझदार हुआ हूं,अब मैं दिल की बातों पर ध्यान नहीं देता…
जिनके पास मुलाकात का
कोई रास्ता नहीं
वे आँख बंद करके
एहसास कर लिया करते हैं...
किसी का साथ देना सीखो,धोखा तो आजकल पुरा जमाना दे रहा हैं…
किसी के दुख पे अगर हम मलाल करते हैं ,
अजीब लोग हैं उल्टा सवाल करते हैं ।
🦋 देवदास 🦋
माँ बाप का सहारा ऐसे बनो, जैसे बचपन में वो तुम्हारा सहारा थे...
जिसके भाग्य में कुछ नहीं होता,
उसके हाथ में सब कुछ होता है।
नीलोत्पल मृणाल
सबको मेरे बाद रखियेगा.. आप सिर्फ़ मेरे हैं,याद रखियेगा…
लड़कियाँ खिलौना नहीं होती जनाब,पिता तो यूँ ही प्यार से गुड़िया कहते है..
वो लोग किसी के नहीं होते, जो दोस्त और रिश्ते को लिबास की तरह बदलते हैं..!!
जो #तवायफ़ से पूछी वज़ह#जिस्मफरोशी की,
वो बोली #मोहब्बत पे यक़ीन करके#घर से भागी थी..!!
लहरों का शोर नहीं, सागर का 'शान्त' सुनो
जीवन में कुछ बड़ा करना है, तो एकान्त चुनो
प्रह्लाद पाठक