आजकल कामयाब वही हैं,
जिसके बाप-दादा सड़क किनारें जमीन छोड़ कर गए हैं।
बहुत लोग हमसे पीछे हैं,इसका मतलब यह नहीं कि हम आगे हैं.. !!
बहुत कम लोग है जो मेरे दिल को भाते है,और उससे भी कम लोग मुझे समझ पाते है।
“ये फ़र्ज़ रहे ध्यान में,लिखा है संविधान में,अगर कोई भी बात,तेरा मन गई कचोट कर,तू वोट कर,ये प्रश्न तेरे बल का है,सवाल तेरे कल का है,समय ये फ़ैसले का फिर से,आ गया है लौट कर,तू वोट कर”
हमको गर्लफ्रेंड तो चाहिए पर पत्नी बिना बॉयफ्रेंड की चाहिए। यही कारण है कि हम पत्नी में सीता का आदर्श देखना चाहते हैं पर स्वयं में राम नहीं देखना चाहते हैं ।अगर हमको सीता चाहिए तो स्वयं को राम बनना...
तू जीतकर भी रो पड़ेगा,
हम तुझसे कुछ इस तरह से हारेंगे।
जमाना वो आ गया है की..
जहर एक देता है जहरीले सभी लगने लगते है..!!
समय से भी ज्यादा महंगी भावनाएं होती हैं ,
जो समझे उसी पर खर्च करो
इनको जेल भी भेजना चाहिए?
निलंबन तो छोटी बात है
कुछ मजबूरियों के हाथों बेबस हो गया हूं
वरना मैं भी था लोगों के बहुत काम का
मुनाफिक और बत्तमिज में अगर फ़र्क किया जाए तो बत्तमिज ज्यादा खतरनाक नही होता जितना मुनाफिक होता है
"रास्ते" पर "गति" की सीमा है,"बैंक" में "पैसों" की सीमा है,"परीक्षा" में "समय" की सीमा है,परन्तुहमारे "सोच" की कोई सीमा नहीं,इसलिए "सदा" "श्रेष्ठ" "सोचें" और "श्रेष्ठ" पाएं..
किताबों में झुके हुये सर…
ज़िन्दगी भर उठे रहते हैं।।
दूरियां बढ़ाता दौलत का घमंड भी एक दिन खाक हो जाएगा,
ये रूह भी साथ छोड़ देगी, जिस दिन जिस्म राख हो जाएगा..!!
जिनके पास लक्ष्य नहीं होता,
उनका मन उन्हें फालतू कामों
और तनाव में उलझा कर रखता है।
लिखें वही जिसके नीचे अपने हस्ताक्षर कर सकें …..
सोचे वही जो बेहिचक बोल सकें …..
और बोलें वही जिसका जवाब सुन सकें !!!
शुक्रिया है जिंदगी यहाँ तक लाने के लिये,
यहाँ से अब मैं अकेला ही चला जाऊंगा…!!
इश्क बेहद किया है हमने..इसलिए बस हदें ना लांघ सके..🍁
जब बात जरूरत की हो,
तब लहज़े सबके मीठे हो जाते हैं....
सफल इतने बनो कि तुम्हे,पराजित करने के लिए प्रयास नहीं छल करना पड़े।