तबाह होकर भी तबाह नही दिखती...ये इश्क़ है इसकी कोई दवा नही बिकती...
रूपया व्यक्ति का,
रवैया बदल देता हैं।
जो लोग हमें कामयाबी की दुआ दिया करते थे,आज वो ही हमसे जलने लगे है !
जब नाश मनुज पर छाता है
पहले विवेक मर जाता है।
दिनकर
हया नहीं है ज़माने की आँख में बाक़ीख़ुदा करे कि जवानी तेरी रहे बे-दाग़ ।
मैंने कब कहाकोई मेरे साथ चलेचाहा ज़रूर!
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
दुश्मन सामने था मगर प्यासा था… मैने तलवार रख दी...पानी पिलाया और जंग जीत लिया
मुझे पल भर के लिए आसमान को मिलना थापर घबराई हुई खड़ी थी…कि बादलों की भीड़ में से कैसे गुज़रूँगी…
घमंड में मत रहिए, अर्श से फर्श तक
आने में, वक़्त भी नहीं लगता..!!
कभी गिर जाओ तो खुद ही उठ जाना क्योंकि ,
लोग सिर्फ गिरे हुए पैसे उठाते हैं इंसानो को नहीं ...
दुनिया की कोई परेशानी,आपके साहस से बड़ी नही हैं…
हिम्मत से सच कहो तो बुरा मानते हैं लोगरो - रो के बात कहने की आदत नहीं रही
~ दुष्यन्त कुमार
एक घुटन सी हो रही थी मुझे संपूर्ण रात्रि ,घबराहट सी हो रही थी अपने ही अंधेरे कमरे में....भोर की सुनहरी रौशनी आई एक हल्की दस्तक लिए ,उदासी तमाम मेरे कमरे के दरवाज़े से फ़ौरन ही विदा हो कर नई...
तुम्हारें जाने के बाद की बारिशें ,
मुझे अब तेजाब सी लगती है ..!!
विश्वास का टूटना, श्वास के टूटने से
कहीं अधिक कष्टकारी होता है.
भूख मौत से बड़ी होती है, सुबह मिटाओ रात को फिर खड़ी होती है !!
एक छींक की तरहआ जाएगी मृत्युजेब में रूमाल तक नहीं होगा...
अच्छे रहते हैं वो लोग
जो परवाह नही करते ..!!
खलिश तेरी "आंखों" कि बयां करती है,
तूने बसाए हैं "दुखों" के समंदर इनमें..!!
विरक्ति
हमारे क़द के बराबर न आ सके जो लोग.
हमारे पाँव के नीचे खुदाई करने लगे...!!