तीर्थंकर महावीर ने कहा-सोचो.शंका करो क्योकि सत्य केअनेक कोण होते हैप्रश्न करो.तब सत्य को पहचानोजरूरी नही कि वही शाश्वत सत्य है जो कभी किसी ने लिख दिया थामगर साथ ही हर बात में ‘शायद’ का ध्यान अवश्य रखना यही 'स्यादवाद...
आज जिंदा है…कल गुजर जाएंगे,कौन जानता है कब बिछड़ जाएंगे,नाराज़ न होना मेरी शरारतों से ए मेरे दोस्तये वो पल है,… जो कल बहुत याद आएंगे।
इतवार की सुबहइत्मीनान वालासुकून चाहती हूंकोई हो जग जाएमुझसे पहले मेरे लिएताकि सो सकूँ औरमेरी चिंता कर पाए।कहे सबसे धीरे सेसोने दो उसे ज़राथकी हुई सी आजउसे आराम जी भरतसल्ली से करने दोसोती रहूँ बेफिक्र सेकरे मेरी फ़िक़्र ज़राकहे सब...
सकारात्मक कार्य करने के लिए हमें
एक सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना चाहिए।
माँ
वो बगीचा है;
जिसकी छाँव में ना जाने
कितने ही फूल
फलते-फूलते हैं।
अब रिश्ते भी नौकरी की तरह हो गए है,
बेहतर Offer मिलते ही लोग Change कर लेते है !
ये दो शब्द जीवन को नष्ट कर देते है..पहला "अहम" और दूसरा "वहम"…!!
उदासी में कुछ पल जन्नत में जिओगे क्या,चाय बना रहा हूं अदरक वाली पिओगे क्या ?
बीते मीठे लम्हों का है जो आसराहसरतें खामोश ठहरा ज़ज्बातो का दायरातेरी भीनी आंखों में खो जाए मन मेरातुझसे ही जाने क्यूँ मेरा है ऐसा राब़्ताचादर की सिलवटें में है जो थोड़े फ़ासलेतेरे पास ना होने का करे हर पल...
सुनो दोस्तों पैसा इतना कमाओ की,
चार लोग तुम्हे अपना दामाद बनाना चाहे...
कभी कभी जहर भरी जिंदगी में,
अमृत का काम करता है एक बूंद इश्क़ !
हया नहीं है ज़माने की आँख में बाक़ीख़ुदा करे कि जवानी तेरी रहे बे-दाग़ ।
किसी की निंदा करने से यह पता चलता हैं,
की आपका चरित्र क्या हैं ना की उस व्यक्ति का.
🍁हैलो सुनते ही उसने कट कर दिया मेरा फ़ोन,ख़ुदा का शुक्र है, आवाज़ तो पहचानता है वो…
बाद तुम्हारे सब अपनो के मन माने बर्ताव रहे
मुश्काने क्या आंसू क्या सालाना त्यौहार हुए
अपनी किस्मत और लोगों कि गंदी नियत ताकने में,
एक बिटिया की उम्र गुज़र जाती है दरीचा झांकने में..!!
इश्क़ और तबियत का कोई भरोसा नहीं मुर्शिद , मिजाज़ से दोनों ही दगाबाज़ हैं ..!!
ज़िद है तो ज़िद ही सही,
आत्म सम्मान से बड़ा कुछ भी नहीं..
उदासी तुम पे बीतेगी तो तुम भी जान जाओगे कि
कितना दर्द होता है नज़रअंदाज़ करने से..