World's Best Cow Hospital

कुछ भी तो नहीं बदला है यार इतने सालों मे, वो हसीन थी वो हसीन है वो हसीन ही रहेगी..❤️🌻

होंगे तुम्हारे शहर में तुम्हारी खूबसूरती के चर्चे ,हमारे गांव में तो हमारी सादगी मशहूर है..

आदतें अलग है हमारी ज़माने से...रिश्ते कम ही सही लेकिन दिल से रखते हैं..!!

बदल दिया है किरदार अपना इस फरेबी दुनिया में, वास्ता वजूद से हो जाए तो साथ छोड़ना पड़ता है..!!

यूं तो आदत नहीं मुड़कर देखने की,पर तुम्हे देखा तो ऐसा लगा कि एकबार और देख लूं

अच्छे इंसानों में एक बुराई होती है, कि वो सबको अच्छा समझ लेते हैं....

समझौते ही करने होते तो व्यापार करते ना समझ थोड़े ही है जो तुझसे प्यार करते

वक्त बेवक्त छोटी छोटी खुशियों के संग,कुछ आधी अधूरी ख्वाहिशें भी ज़रूरी हैं ।इन आधी - अधूरी हसरतों से ही तोहमारी जिंदगी की खुशियां होती पूरी है || इच्छाओं और उम्मीदों के इस सफ़र मेंसिर्फ़ एक दिन और रात की दूरी...

झूठ ही जिसका आसरा झूठ ही जिसकी ताक़त सोचो वो कैसे जीता होगा झूठ की जिसको आदत एक दिन ये झूठ ही उसको सच बन कर खा जाएगा देखना वो दिन दूर नहीं वो दिन जल्दी आएगा सच का दामन...

अगर जिंदगी में कुछ बुरा हो तो थोड़ा सब्र रखना यारो,क्योंकि रोकर हँसने का मजा ही कुछ खास होता है !

थोड़े बहुत संस्कार अब गांव में ही बचे हैं, शहरों में लोग अंग प्रदर्शन को फैशन समझते हैं...

हम वहाँ हैं जहाँ से हम को भी कुछ हमारी ख़बर नहीं आती

तूफ़ान तेज था अचानक से आया हवायें मज़बूत थी तोड़ना मुश्किल था मुझे अंदाज़ा था कि आए बिना मानेगा नहीं रास्ते बंद करती तो तोड़फोड़ करता फिर दो दरवाज़ों को खोल दिया एक आने का एक जाने का और थोड़ा...

ज़माना बड़े शौक़ से सुन रहा था , हमीं सो गए दास्ताँ कहते कहते ..!!

पलकों से रास्ते के कांटे हटा देंगेफूल तो क्या हम अपना दिल बिछा देंगेटूटने न देंगे हम इस प्यार को कभीबदले में हम खुद को मिटा देंगे 🌶

स्त्री और पुरुष एक दूसरे के पूरक हैं। आपसी सहयोग के बिना दोनों का अस्तित्व असंभव है

ग़ुरूर में बन्दा खुद को हर इक से जुदा समझता है अधूरा आदमी ख़ुद को ख़ुदा समझता है अभी ख़मोश हूं तो ताअल्लुक़ की ज़िंदगी के लिए ख़बर नहीं वो मेरी चुप्पी को क्या समझता है।

दुख का प्रतीकशायद रोना नहींमौन हो जाना है !!!

अनुमान मन की कल्पना हैं, और अनुभव जिंदगी का सबक हैं…

दोस्त हो या प्यार उन्हें छोड़ देना उचित है , जो आपके होने का मूल्य ना जानते हों ...


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