बर्फ़ से रिश्तों का मौसम गुनगुना हो जाएगा
मिल के आपस में रहें तो ख़ुशनुमा हो जाएगा
बीच की दीवार पहले तुम गिराओ तो सही
देखना आँगन वही फिर दो-गुना हो जाएगा
राघवेंद्र द्विवेदी
बहुत कुछ और भी है इस जहाँ मेंये दुनिया महज़ ग़म ही ग़म नहीं है!
हौंसला और रुतबा बनाए रखिए,दिन अच्छे बुरे आते जाते रहेंगे।
मतलब के बिना कौन पूछता है किसी कोबगैर रुह के तो घर वाले भी नहीं रखते
थक गया हूं मेहमान की तरह घर जाते जाते,
बेघर हो गए हम चंद रुपए कमाते कमाते..!
रिश्तों का गलत इस्तेमाल कभी मत करना.. अच्छे लोग जिंदगी में बार बार नही आते..!!
सारा झगड़ा ही खवाहिशो का है ,ना गम चाहिए ना कम चाहिए ।।
संघर्षों की समर भूमि में, हमसे पूछो हम कैसे हैं,
कालचक्र के चक्रव्यूह में, हम भी अभिमन्यु जैसे हैं।
हरिओम पंवार
दिल बड़ा रखो
हैसियत छोटी भी होगी तो चलेगा
ईश्वर को आखिरी उम्मीद नहीं,
पहला भरोसा बनाइए...
समय बहुत कीमती है इसीलिए ,अपना नहीं दूसरों का बर्बाद कीजिए !!
जिंदगी और चाय में एक बात तो है ,
जब मजा आने लगता है ख़त्म हो जाती है ।।
अगर इतिहास को कहानियों के रूप में पढ़ाया जाता तो इसे कभी नहीं भुलाया जाता।
किसी से क्या शिकायत करते साहब ,
दिल लगाने की खता तो हमनें भी की..!!
जून कीझुलसती गर्मी के मध्य भी जो तुम आ जाओपीपल की घनीछांव के नीचेहम तुम दशहरी आम चखेंगे
मौत आज़मा रही थी परिंदे को,
ईश्वर भी करामात दिखा रहा था
दम तोड़ रही थी इंसानियत,
जब उसे इंसान मरना सिखा रहा था
आपका गिरना एक हादसा हो सकता है...
मगर वहीँ पड़े रहना आपकी मर्ज़ी है ..
स्त्री की गोद और पुरुष की जेब ,
अगर खाली रह जाए तो ये दुनिया जीने नही देती ...
ब्रह्मांड केवल अपने सबसे मजबूत योद्धा
को ही सबसे कठिन लड़ाई देता है।
ज़िंदगी उस रेल के सफ़र की तरह है बाबू मोशाय,
जिसमें "लोअर बर्थ" माया और "उपर बर्थ" मोक्ष है..