धर्म मनुष्य जीवन को बेहतर बनाने के लिए बना था,
और आज मनुष्य धर्म को बेहतर बनाने में लगा हैं...
मेरा दर्द भी इन मोतियों की तरह बिखरा पड़ा रहता हैं, धागे में पिरोने की कोशिश करूं तो धागे भी टूटने लगते हैं
परवाह करने वाले ढूंढ़िये ,
इस्तेमाल करने वाले तो खुद
आपको ढूंढ लेंगे।
बात करने से ही बात बनती है...
बात ना करने से, बातें बन जाती है...!
मन से उतर रहे हैं,
दिल में रहने वाले...
गणित में कमज़ोर है वो वरना दो पलो के लिए
बारह घण्टो की रात कौन ज़ाया करता है...
ऐसे माहौल में दवा क्या है दुआ क्या है ,
जहाँ कातिल ही खुद पूछे कि हुआ क्या है ..!!
पिता एक उम्मीद है, एक आस है,बच्चों की हिम्मत और विश्वास है!
जिंदगी के सफर में उठे
मेरे कदम एक दूजे से बात करते हैं
साघते है ज़िन्दगी का सुर मीठा
और बहते आवारा हवा से तुम्हें याद करते है
राजेश गौरी
बड़ा एहसान हम फ़रमा रहे हैं
कि उन के ख़त उन्हें लौटा रहे हैं
किसी सूरत उन्हें नफ़रत हो हम से
हम अपने ऐब ख़ुद गिनवा रहे हैं
वो पागल मस्त है अपनी वफ़ा में
मिरी आँखों में आँसू आ रहे हैं
अजब कुछ रब्त है...
राजनीतिक भाषा की रचना ऐसी हैं जिसमे झूठ को सच बताया जाता हैं,
और सच का बड़े सम्मान के साथ हत्या किया जाता हैं
जिंदगी भी पेड़ो की तरह गुजरती है,
लोग तोड़कर फल भी खाते है और पत्थर भी मारते है !!!
मैं रास्ते भूलता हूँ
और इसीलिए
नए रास्ते मिलते हैं
हम दोनों को हम जैसे बहुत मिलेंगेबस हम दोनों को हम दोनों नहीं मिलेंगे!!🥀
चलो हकीक़त से थोड़ी मुलाक़ात करते हैं ,जितनी औकात बस उतनी ही बात करते हैं !!
जिंदगी पर भरोसा कीजिए, भरोसे पर जिंदगी नहीं...
चाँद पाने की तलब करते हैं
आप भी यार गज़ब करते हैं
जख्म खरीद लाया हूंइश्क के बाजार सेदिल जिद कर रहा था कीमुझे मोहब्बत चाहिये
मेहमान की तरह घर से आते जातेबेघर हो गए हैं, कमाते कमाते….!