फकीरों की सोहबत में बैठा कीजिए साहब!!
बादशाही का अंदाज खुद ब खुद आ जाएगा...
अहमियत दी तो कोहिनूर खुद को मानने लगे,
कांच के टुकड़े भी क्या खूब वहम पालने लगे.
अहंकार करने पर इंसान की प्रतिष्ठा,
वंश,वैभव, तीनों ही समाप्त हो जाते हैं॥
मजलूमों के हक़ के लिए लड़ने का जज़्बा और बुलंद हो,
यह साल आपके संघर्षों को और पैना करे !
मुल्क में अमन लाए,
बदलाव लाए !
सोच रहा हूं कुछ दिनों के लिए गाजा पट्टी चला जाऊं
उधर माहौल अच्छा है ...।
यहां तो डर का माहौल है।
काली करतूतों को आसानी से ढक देता है।
सच पूछो तो 'कामयाबी ' भी एक परदा है।।
इरादा है बदलने का तो कोशिश कर बदलने की
अगर सूरज नहीं है तो चराग़ों से उजाला कर
मिलेगी हार या फिर जीत का परचम उठाएगा
नतीजा जो रहे लेकिन नया सिक्का उछाला कर
राघवेंद्र द्विवेदी
व्यवहार बदल जाता है …
जब काम निकल जाता है !!!
जैसे जैसे दुनियां समझ में आती हैविश्वास शब्द खोखला लगने लगता है !
यदि तुम कोई स्वप्न हो..तो मैं एक उम्र की नींद चाहता हूॅं, ईश्वर से.
खतरा देखकर डसने वाले जीव जंगलों में रहते हैं,
और मौका देखकर डसने वाले मकानों में...
**एक इश्क़-बाजाँ,बे-हिसाब दर्द दे गयाबे-रहम क़त्ल करदिल-ख़ूनी कर गया।।
अंकिता
हर बार न जाने क्यों अगर मगर में उलझ जाते हैं
जो कहना होता है उनसे वो कह नही पाते हैं
औरतें आंसूओं की झीलों से हरी रहती हैं ,
दूध और खून तो औलाद में बट जाता है
उस दिन पर लानत भेजता हूं..
जिस दिन पहली बार देखा था तुझे..!!
लोग देखतें हैं तमाशा सिक्का फेंक केसड़कों पे मजबूरी करतब करवाती है
एक दिन मर जाना है माना सबको मगरफिर क्यों ये आग पेट कि हर रोज जलाती है
रावण सबके मन में हैं,राम अभी तक वन में हैं……!!
सफलता का अर्थ है बहुत धैर्यवान होना
लेकिन समय आने पर आक्रामक होना।
तुम्हारा ये भ्रम झूठा है कि आंखों में कोई ओर है
चीर के देखो दिल मेरी सांसों में तुम्हारा ही शोर है
एक शिक्षक को चाहिए कि वह महान बनने से बचे,
जितना हो सके उसे सहज बने रहना चाहिए ।