World's Best Cow Hospital English हिचकियाँ आती थी उसे , मेरे याद करने से , शायद अब हिचकियाँ भी , बेवफ़ा हो गई हैं ...!! हम तो समझे थे कि इक ज़ख़्म है भर जाएगा क्या ख़बर थी कि रग-ए-जाँ में उतर जाएगा अपनी रुह का लिबास भी दे दूँगा तुझे…तू मुझमें रहने का पहले फैसला तो कर..!! मेरी एक जान हैं,और वो भी शैतान हैं आंखें मुसलसल यूं ही बहती रहती है ठंड हो या बरसात , बारिश यह ठहरती ही नहीं जब से तुमने पाई निजात... मालती होंगे तुम्हारे शहर में तुम्हारी खूबसूरती के चर्चे ,हमारे गांव में तो हमारी सादगी मशहूर है.. जिसकी जेब में पैसा न हो, उसकी ज़बान में शहद होना चाहिए ! हम सिर्फ जरूरत थे जरूरी तो कोई और था.. व्यवहार बदल जाता है … जब काम निकल जाता है !!! हर कोई बचता रहा बाहर के तूफान से.. और हम ख़ुद को बचा भी ना पाए अंदर के तूफान से..!! तुम छा गए हो कोहरे की तरह मेरे चारों तरफ ना कोई दूसरा दिखता है ना देखने की चाहत हैं..!! परिवार, हालात और रिश्ते जो संभालना चाहता है,वही झुक जाता है,वर्ना स्वाभिमान तो सुदामा का भी कहाँ कम था। मौत का एक दिन मुअय्यन है नींद क्यूँ रात भर नहीं आती मैं क्या बताऊँ कैसी परेशानियों में हूँ काग़ज़ की एक नाव हूँ और पानियों में हूँ भारत भूषण पन्त हिन्दू मुस्लिम चाहे जो माथे पर लिखा हो मगर , आपके सीने में हिन्दुस्तान होना चाहिए इजहारे ऐ इश्क महफिल में आंखों ही आंखों में बयां हो रहाकैसे बचाते दिल को जब #कातिल से ही इश्क हो रहा था !! ज़िंदगी जब मायूस होती है,तभी महसूस होती है…. किरदार की बदबू महंगे से महंगें, परफ्यूम से भी नहीं छुपा सकते हो... अच्छे संस्कार किसी मॉल या बाजार में नहीं, परिवार के माहौल से मिलते हैं... वेदना मेरे हृदय में नासूर कर रही है, ये खामोशियां मेरी चीखें रोक रहीं हैं..!! विरक्ति Prev123…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.