World's Best Cow Hospital

मैं तुम्हारे साथ हूॅं कहने में और रहने में बहुत फर्क होता है !!

मुझे तेरी मोहब्बत ने अजब इक रौशनी बख़्शी मैं इस दुनिया को अब पहले से बेहतर देख सकती हूँ!

किरदार पे अगर बात आई तो याद रखनाबेरहम इंसान के साथ गालियों में PHD करके बैठा हूं

मोहब्बत आसान होता तो तुम भी करते, जीना पड़ता है इसमें ,मरते-मरते.

दोस्ती करनी हो तो गणित के जीरो जैसी करो,जिसके साथ मिल जाओ उसकी कीमत बढ़ जाए…

रामचंद्र कह गये सिया से ऐसा कलयुग आएगा,देश में होगी भुखमरी, बेरोज़गारी वो उसे ही विकास बतलायेगा

शहर जाकर बस गया हर शख्स पैसे के लिए , ख्वाहिशों ने मेरा पूरा गाँव खाली कर दिया ..!!

मज़ा तो तब है के तुम हार के भी हँसते रहो,हमेशा जीत ही जाना कमाल थोड़ी है

अगर तुम खुश हो,तो शोर मत मचाओ क्यूंकि, उदासियाँ कच्ची नींद सोती हैं....!

पिता का मौन यदि सुन सको तो, दुनिया के ताने सुनने की नौबत नहीं आएगी। प्रह्लाद पाठक

ये तो बस हम ही जानते हैं उम्र कैसे गुज़ारी है,बगैर तेरे गुज़रता लम्हा आख़िर कितना भारी है

हार और जीत का कोई अर्थ नहीं होता जो हौंसला न हारे ,वो जज़्बा व्यर्थ नहीं होता रात दिन जो सिर्फ फ़तेह के गीत गाते है जो, लड़ते रहते हैं वो इक दिन जीत जाते हैं

एक हंसता खेलता आंगन मेरा भी था बलखाती इठलाती रौनक ऐ जहां मेरी भी थी पैरों के नीचे जन्नत कहलवाने वाली माँ भी थी एक कमजोर सा बाप का साया था जो मेरी हर जरूरत में काम आया था एक गौरैया दो बोलते...

शीत लहर के स्पर्श से जब मन झंकार उठा मधु कूक कोयल से जब हृदय में ज्वार उठा तब शब्द हार पहन विरही मन मुख से कविता गान उठा

तमीज़ बताती है परवरिश आपकी, आप पढ़े लिखे हैं तो क्या हुआ

शब्द सरिता बहती रहे, कलम अनवरत चलती रहे, बस यही आशीर्वाद मिलता रहे ! !

मैं खुद की तस्वीरें अब नहीं खींचताकारण बचपन की यादे रुलाती है...

ये राते ठहर क्यों नही जाती, नींदों मे ही सही दो पल देख तो लूँ तुम्हे।।

बाद तुम्हारे सब अपनो के मन माने बर्ताव रहे मुश्काने क्या आंसू क्या सालाना त्यौहार हुए

वो रूठी ही रहेगी, उसे खबर भी नहीं होगीमुझे कब? कहाॅं? किस लम्हें दफ़नाया गया


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