जो जीवन में महत्वपूर्ण होता है जीवन में वो ठहराता नहीं इस लिए उसको महत्व दो जो ठहर रहा है तुम्हारे साथ...!!!
कब्र की मिट्टी हाथ में लेकर सोच रहा था
लोग मरते हैं तो गुरूर कहां जाता है!
जहां पत्तियां नहीं झरती वहाँ बसंत नहीं आता
उन्हें याद करें! विक्रम साराभाई, नेहरू, अब्दुल कलाम
फर्ज़ बनता है "छोटो" का! कि उन्हें, समझाया जाएबड़े, बड़े हैं! मतलब ये नहीं कि गलत नहीं हो सकते
तुम्हारी नूर के दीदार को ,कहाँ रोक पायेगा हिजाब।दिल मेरा कहता है,क्यों ना दे दूँ तुम्हें,जन्नत की हूर का ख़िताब।।
शहर की मोहब्बत ही ठीक है
गांव मैं पकड़े गए तो बहोत मारते है..
फिर यूँ हुआ कि वक़्त ने मसरूफ़ कर दिया ,
वरना हमारे पास ज़माने के ख़्वाब थे ।।
गए थे बड़े यकीन से की रोएंगे नही हम !जानेवाले काश तूने एक बार पलट कर देखा होता !
कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तिरा ख़याल भी
दिल को ख़ुशी के साथ साथ होता रहा मलाल भी
जब तक मन में खोट और दिल में पाप है !
तब तक बेकार सारे मंत्र और जाप है !
"पड़ते जिस ओर चरण मेरे
भूगोल उधर दब जाता है।"
दिनकर जी
हर उस आँख में चुभना है मुझे,
जिसने मुझे देख कर नजरें फेरी थी कभी…!!
मैं उस किस्मत का सबसे पसंदीदा खिलौना हूँ,वो रोज़ जोड़ती है मुझे फिर से तोड़ने के लिए.!!
"तुम!! जानते हो मेरे इस जीवन में सबसे अधिक किसकी जरूरत है-?"पहली लाईन के पहले ही शब्द की.
किस किस से छुपाऊ तुम्हें मैंअब तो तुम मेरी मुस्कुराहट मेंभी नजर आने लगे हो।
दरिया आँखों में था फिर भी प्यास रहीज़िन्दगी भर ज़िन्दगी की तलाश रही
अपमानित होने के बाद भी
जो शख्स आपसे जुदा नहीं हो रहा है
जरूरी नहीं कि वो बेशर्म ही हो
असलियत है कि उसकी जिंदगी में
आपका स्थान उसकी इज्जत से बढ़कर है
यानी कि उसके दिल में आपके लिये
इज्जत से कहीं ज्यादा...
किसी का मिलना, मिलकर बिछड़नाकभी हसना कभी मुस्कुरानाऔर फिर मुस्कुराकर रो देनायहीं तो हैं ज़िंदगी..!!