कभी ये मत सोचना की हम तुम्हे याद नहीं करते,
रात की आखरी और सुबह की पहली सोच हो तुम
अकेले बैठ कर तुमको कभी जब याद करता हूं ,
मैं रोना मुस्कुराना दोनो साथ करता हूं ..!!
मैं दोस्ती का हर एक बढता हाथ चुमता हूं
बस एक शर्त है , बंदा नमक हराम ना हो
मेरे दोस्तों सामने हो मंजिल तोरास्ते ना मोड़ना जो भी मन में हो वो सपना मत तोड़ना कदम कदम पर मिलेगी मुश्किल आपको बस सितारे छूने के लिए जमीन मत छोड़ना
बिन बताये उसने क्यों ये दूरी कर दी, बिछड़कर उसने मोहब्बत ही अधूरी कर दी ! मेरे मुकद्दर में गम आये तो क्या हुआ , खुदा ने उसकी खुवाईश तो पूरी कर दी !
न मुझे किसी को हराना है न ही मुझे किसी से जीतना, मुझे अपनी एक राह बनाना है और उस पर चलते जाना है!
अगर तुम किसी को शिद्दत से चाहोगे ना
तो वो उतनी ही शिद्दत से तुम्हें जलील भी करेगा !!
छोटी छोटी चीजों में खुशी ढूंढना सीख लो, जरूरत पड़ने पर अपना हाथ खुद पकड़ना सीख लो।
दूसरे से मिली इज्जत
और अपनों
से मिली बेइज्जती इंसान कभी नहीं भूलता है..
सूखे मौसम में बड़ा चटक था तेरा फरेबी रंग अब बारिश क्या हुई, बदरंग हो गए।
और वो जो मुझे छोड़कर गए हैं ना वो लौटेंगे एक दिन मगर मैं उन्हें मिलूंगा नहीं.
ऐ जिंदगी जा ढुंढ कोई खो गया मुझसे ,
अगर वो न मिले तो तु भी लौट के मत आना ..!!
सबने कहा अच्छे से जाना
सिर्फ मां ने कहा बेटा घर जल्दी आना
रात को रात कह दिया तुमने
इतना सच कौन बोलता है मियां
एक ही शख्स समझता था उसे,
और एक ही शख्स समझता था मुझे !!
फिर ये हुआ की वो भी समझदार हो गया,
और हम उसके सामने बच्चे ही रह गये !!
हर मुश्किल से टकराना चाहता हूं ,तू इश्क़ कर मैं निभाना चाहता हूँ !!
मरना यहाँ
बहुत है आसान
ज़िन्दगी जीना है
हिम्मत का काम
हथियार रख
मैदान छोड़ना है आसान
संघर्ष पथ पर चलना है
हिम्मत का काम
रोते रोते बिखरना और
टूट जाना है आसान
मुस्कुराते हुये गिरना और संभलना है
हिम्मत का काम
मरना यहाँ
बहुत है...
अगर मां-बाप तुम्हारी वजह से खुश हूं,तो अपनी जिंदगी के बादशाह हो तुम..!
“संसार में हर इंसान का परिवर्तन निश्चित है,किसी का हृदय परिवर्तित होगा और किसी का समय..!!
बुद्धि अगर स्वार्थ से मुक्त हो,
तो हमे उसकी प्रभुता मानने में कोई आपत्ति नहीं।