नीर बहते है नयनो से नारी के,जब पीर सहा न जाए दिल के,
एक दिन मैंने खुद की तलाशी ले ली ,जो कुछ मिला वो अपना था पर अपना लगा नहीं!
मुझे ये रूह से मिलने का ढोंग नईं करनामेरे बदन को तेरे स्पर्श की ज़रूरत है
स्त्री की गोद और पुरुष की जेब,
अगर खाली रह जाए तो दुनियां जीने नही देती..!!
कभी कभी सिर्फ नोट ही नहीं
खम्भे जैसे इंसान भी जाली होते हैं..!
ख़ूबसूरत लोग हमेशा अच्छे नहीं होते, लेकिन अच्छे लोग हमेशा ख़ूबसूरत होते है।
मृत्यु एक घटना हैवो सिर्फ बर्फ की तरहसुन्न कर देती हैपीड़ा बाद में आती हैकाल की तपन मेंपिघलती हुई !!
किताबें इस लिए पढ़ो ताकि आप,
लोगों से बहस नहीं तर्क कर सको...
झूठे वादों से बेहतर है...
साफ इंकार कर दिया जाए..!!
रोज़ रोज़ ये मुलाक़ात इत्तफाक तो नहीं
मेरी तरह हुजूर धड़कने बेईमान तो नहीं
कोशिश करो हमेशा सच बोलने कीकुछ लोग रूठ जाएंगे पर धर्म बच जाएगा …
जो #तवायफ़ से पूछी वज़ह#जिस्मफरोशी की,
वो बोली #मोहब्बत पे यक़ीन करके#घर से भागी थी..!!
अपनी क्या फिक्र करें, हम जिंदा हैं वही काफी है...
चलते चलते राह में तुमसे अलग हो जाए हम
कौन जाने कब तुम्हारी दुखती रग हो जाए हम
वसीम बरेलवी
तुम्हरा शक का बोझ इक दिन
इश्क़ की नैय्या डुबो देगी.....!!
ऐसे ही नहीं बन जाते गैरों से रिश्ते,कुछ खालीपन अपनों ने ही दिया होगा।
~गुलज़ार
मैं वो चिराग हूँ,जो आँधियों में भी रोशन था...खुद अपने घर की हवा ने,बुझा दिया है मुझे...
यूँ भी हयात में है, जवानी की अहमियत
जैसे शदीद प्यास में पानी की अहमियत
रफ़्तार में रहें न रहें और बात है
लेकिन है ज़िंदगी में रवानी की अहमियत
लोगों ने सिर्फ़ सुन के, बजा दी हैं तालियाँ
किरदार को पता है कहानी...
जद्दोजहद चार सौ पार की नही...
चार सौ बीसी से पार पाने की है।
कल रात तुम्हें ख़्वाब में गले लगाया था, आज मेरे सभी दोस्त मेरी महक का राज़ पूछ रहे हैं…