जिएँ तो अपने बग़ीचे में गुल-मुहर के तलेमरें तो ग़ैर की गलियों में गुल-मुहर के लिए
दुष्यंत कुमार
सबसे बड़ी ख़ुशी उसी काम को करने में है ,जिसे लोग कहते हैं कि ये तुम्हारे बस का नहीं है …
हर बार समझेंगे आप उनको
वो हर बार आपको तोड़ते चले जायेंगे..!!
हमारी खामोशी को हरगिज बुझदिली ना समझा जाये,,,अभी हम तेरे जुल्म और अपने सब्र की इंतहा देख रहे है,,
दिल के अच्छे लोग
विश्वासघात से ही मारे जाते है ..!!
आप ऐश कीजिए जेब में रखीं दौलत से ,
मैं तो झोले में इंसानियत रखकर खुश हूं ।।
कब्र की मिट्टी हाथ में लेकर सोच रहा था
लोग मरते हैं तो गुरूर कहां जाता है!
कैसे हो पायेगी अच्छे इंसान की पहचान ,
दोनो ही नकली हो गए है आँसू और मुस्कान …
वह लड़कर भी सो जाए तो उसका माथा चूमूं मैं उससे मुहब्बत एक तरफ है उससे झगड़ा एक तरफ।
डूबी है मेरी उंगलियां मेरे ही खून मैं,ये काँच के टुकड़ो पर भरोसे की सजा है !!
कुछ बादलों की सी
है फितरत उनकी
छाते है मेरी छत पर
बरस कहीं और जाते है
बांट कर वक्त अपना
महफिल में गैरों की
बहानों भरे कुछ पल
हमको थमा देते है
रहूं हर पल उनके साथ
इस हसरत से वो
दिल में मेरी तस्वीर
बना कर रखते है
जानते...
साथ मेरे चलना इतना आसान तो नहीतुझे अभी दुनियां की पहचान तो नहीबेहतर है के छोड़ दो तुम जिद्द करनाजिंदा इश्क के आग मैं जलना ये तुम्हारे मिज़ाज़ मैं नही !!
हवा ने किया ऐसे स्पर्श तनजैसे छू कर मन मीत गयाकुछ भरा हृदय प्रेम मगरदृग जल से कुछ रीत गया।
मेरी ज़िन्दगी में तेरा साथ कुछ इस तरह से हो,ताउम्र छेड़े तू अपनी अटखेलियों से और हया मेरे चेहरे पर हो..!!
दुश्मन की पसंदीदा चाल,
दोस्तों को एक दूसरे के खिलाफ़ करना हैं…
गलती कीमाफी ना मांगीमाफी से मुक्ति मिल जाए तोबंधे रहना मुझेबुरी सी याद बनकरकुछ तो पाप धूल जायेंगेबद्दुआओं से…
जिसके भी भाव बढ़े उसे त्याग दो,
चाहे "बाबु" हो या "टमाटर.🍅
चाँदनी की रौशनी में खो जाएं,
ख्वाबों की दुनिया में खो जाएं।
दिल की धड़कनों को ताल में बदलें,
खुद को खो जाएं, खुद को खो जाएं।
प्यार की बारिश में भिगो जाएं,
खुशियों की लहरों में उड़ जाएं।
ख्वाबों की उड़ान में सवारे,
खुद को खो...
फर्क करना ज़रा मुश्किल लगा था,जब चेहरे अपनों के गैरों से ही मिलने लगे थे…!
एक पीढ़ी का पाखण्ड अगली पीढ़ी की परम्परा बन जाती है।
हेलेन केलर