इरादे अगर मजबूत हो तो नियति खुद ब खुद रास्ता बना देती हैं
भीगा भीगा सूरज हैभीगी भीगी सी रातख्वाबों को जा के कह दोखलेल न पहुँचाएँआज है उनसे मुलाकात…चांदनीहवा पहन करखुश्बू लूंटाने लालायित है,सूरज की साक्षी मेंखूबसूरत शब काहो रहा है #आगाज़आज आजहै उनसे मुलाकात ..श्रुंगार भैरवी काहो रहा #आगाज़आज आज..
जेब में अगर पैसा हो तो लोग..
आपकी बकवास भी सलाह मानते है..!!
!!कर्जदार रहेंगे हम उस हकीम के...
जिसने दवा में उसका दीदार कर दिया...!!
सत्य का पहला स्वागत विरोध से होता है.! ~ ओशो
हमारे पास जो कुछ है,उसका आनंद तभी ले पाएंगे,जब उसकी चिंता छोड़ देंगे,जो हमारे पास नही है।
कभी कभी बहुत ग़ुस्सा आता हैं ख़ुद पर ,मैं जैसे हूँ वैसे क्यों हूँ ?
योग्यताएं कर्म से पैदा होती है,जन्म से हर व्यक्ति शून्य होता है...
दिल करता है करेले की सब्जी खिला दूंउन लोगों को जो मुंह में मिठास और दिल में जहर लिए घूमते हैं
वफ़ा करेंगे निबाहेंगे बात मानेंगेतुम्हें याद है कुछ ये शब्द किस के थे.!
इंतज़ार मत करो
जो कहना हो कह डालो
क्योंकि हो सकता है
फिर कहने का कोई
अर्थ न रह जाए।
वो ख़्वाब रात काचाय साँझ कीबारिश की बूंदें रूमानीवही समां पुरानाधड़कनों से बतियानाबदला नहीं है कुछ भीवही मिज़ाज़ आशिकानाचलो निभाते हैं हम तुमवही पुराना याराना लेकर चुस्कियाँ चाय कीकरेंगे गुफ्तगू शायराना
हसरत थी किसी के दिल में ज़िंदा रहने की
अफ़सोस हम ख़ुद के अंदर ही मर गए…
ज़िंदगी से बढ़कर था भूख का मसअला ,
परिन्दा जाल पे यूँ ही नहीं उतर आया ..!!
जब किस्मत बदलती है तो,गैरों से ज्यादा अपनों की जलती हैं।
साल भर पहले, पहला ‘मकान’ लिया
तुम्हारे साथ ने उसे ‘घर’ किया
बेहिसाब उधड़ी पड़ी हैं ख्वाहिशों की चादरें
कोई दर्जी सलीखे का शहर में बिठाया जाए!
दीप मंदिर के हों या दरगाह के,
हम फक़त रौशनी ही चाहते हैं.
आज की दुनिया का यही कायदा है,
उधर कदम जिधर फायदा है....!!
हम भी तेरे आने कि आस में,अपनी दुनिया उजाड़ बैठे हैं,मेरी सांस टूटना बाकी है अभी,मगर चिता सजाए लेटे हैं..!!