WhatsApp World's Best Cow Hospital English वाणी की मिठास अन्दर के भेद नहीं खोलती, मोर को सुन कर कौन कह सकता है कि वह साँप खाता होगा। अज्ञात इंसान अगर सच्चा हो तोलोग उसे बेवकूफ समझ लेते हैं !! बहुत मुश्किल से समझ आता है कि ज़िंदगी में, ज़्यादा ज़रूरी ख़ुशी नहीं, "सुकून है जाने किन रिश्तों में रिश्ते ढूंढ़ रहे हैं, आदम हैं हम और फरिश्ते ढूंढ़ रहे हैं... बहुत ज़्यादा फ़र्क पड़ने के बाद.. फ़िर कुछ ख़ास फ़र्क नहीं पड़ता..!! चरण कमल राधा रानी के, जहाँ जहाँ पड़ जाएं, मिट्टी के कण भी झूम झूम, बस राधे राधे गाएं !! शेर की तरह ज़िन्दगी जियो, चाहे कर्म करो या कांड करो। कुछ ग़म और कई उलझनें है जो दौर है जिम्मेदारियों का तो ख्वाहिशों से भी रंजिशें है. पैसा इंसान का लिबास तो, बदल सकता है पर औकात कभी नहीं... भारत कृषि प्रधान देश था अब कुर्सी प्रधान देश है !!! कुछ सांपों से इतने गहरे रिश्ते हैं के , उनसे खुद को खुद डसवाना पड़ता है तुझे नहीं आएंगी मुफ़लिसी की मुश्किलात समझ, मैं छोटे से घर का बड़ा हूँ ....... मेरी बात समझ !! इश्क के भी देखो कितने अजीब फसाने हैं,,,,,, जो हमारे नहीं हम उन्हीं के दीवाने हैं,,,,,, तेरा साथ जो मिल जाए तो मंजिल दूर नही... दुआ मुकम्मल हो जाए तो जिंदगी दूर नही...!! कामयाबी का तभी "सिंहासन" होगा, जब आपका अपने "मन" पर शासन होगा। सेजल ग़मज़दा हैं वो तो बेशक गुफ़्तगू भी न करें ..पर करम इतना तो हो कि सामने बैठा करें … !! तू न थकेगा कभी, तू न रुकेगा कभी, तू न मुड़ेगा कभी, कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ, अग्निपथ, अग्निपथ, अग्निपथ हर किसी पर विश्वास कर लेना खतरनाक है,किसी पर भी विश्वास न करना बहुत खतरनाक है. हर समस्या का समाधान होता है…तो अब इस समस्या का समाधान क्या है ? सफल रिश्तों के यही उसूल हैं,बातें भूलिए, जो फिजूल हैं… Prev1…184185186…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.