एक ही चाहिए लेकिन परमानेंट चाहिए,
जिसे परेशान भी में करूं और प्यार भी करूं…!!
काश एक शायरी कभी,तुम्हारी कलम से ऐसी भी हो,जो मेरी हो मुझ पर हो और,बस मेरे लिए ही हो..!!
मैं मरना पसंद करूंगा
मगर गूंगा बहरा बन कर रहना नहीं
सब दिल रखने की बाते हैं,
असली रूप सब छुपाते हैं !!
खुद को कम बताकर तो देखोसामने वाले को अपनी औकात बताने में देर लग जाए तो कहना…..
नोट- यहाँ "औकात" से तात्पर्य केवल धन से तो बिल्कुल भी नही है॥
कैसे भेज दूं उस मोहब्बत को भाड़ में,जिसकी इबादत में दिन रात खुदा को याद करता हूं..!!
कांटों को मत निकाल चमन से ओ बाग़वाये भी गुलों के साथ पले हैं बहार में 🎼
जब दिल किसी एक पर ठहर जाए तो..ज़ेहन किसी और को कुबूल नहीं करता..!
गैरों की बातें सुनके,
अपनो से उलझा नहीं करते...
✯||तेरा होना ही सुकून हैं
और तुझे पा लेना जन्नत...||✯ᵈ
✯ᵈ᭄•समंदर...༈
कहने को सभी अपने है लेकिन सिर्फ़ कहने को …..!!!
हम नफरत भी हैसियत देखकर करते है,प्यार तो दूर की बात है !!!
कठिनाइयां मनुष्य को जितना सीखा सकती हैं..
दस गुरु मिलकर भी उतना नहीं सीखा सकते.!!
बहुत से पति पत्नी सिर्फ इसलिए
साथ रहते हैं क्योंकि वो पति पत्नी हैं...
एक सामाजिक बंधन है
सात फेरे लिए है
उन तमाम संस्कारों को पूरा किया है
जो शादी के लिए जरूरी हैं...
अब यहां प्रेम है या नहीं....
इसकी कोई गारंटी नहीं....
इसीलिए कहता हूं कि इंतजार मत करोजो कहना है करना है आज ही कर डालो,इंतजार करने मे कभी कभी बहुत देर हो जाती है ।
हवा ने किया ऐसे स्पर्श तनजैसे छू कर मन मीत गयाकुछ भरा हृदय प्रेम मगरदृग जल से कुछ रीत गया।
हल्के इश्क़ में वादे बहुत भारी होते हैं....!!
मेरा साया है मेरे साथ जहाँ जाऊँ मैंबेबसी तू ही बता ख़ुद को कहाँ पाऊँ मैं
जब वजूद में 'माँ' मिलती हैतो सारी पीड़ाएँ नष्ट हो जाती हैंऔर मुझमें 'माँ' शेष रह जाती है।
-नेहा यादव