विद्वत्ता अच्छे दिनों में आभूषण,
विपत्ति में सहायक,
और बुढ़ापे में संचित धन है।
जिन्दगी में सबसे ज्यादा पीड़ादायक है, “मां” का जिंदगी में ना होना..!!
जिसकी आंखों से आंसू की उम्मीद कर रहे थे
कमबख्त उसकी आंखों में शर्म भी नहीं दिखी।
सुध बुध खो कर
सौंप दिया तुझको
मुझमें जो भी था मेरा
चाहे तो रख लो सहेज कर
चाहे तो छोड़ दो तजकर
तूफ़ान तेज था
अचानक से आया
हवायें मज़बूत थी
तोड़ना मुश्किल था
मुझे अंदाज़ा था कि
आए बिना मानेगा नहीं
रास्ते बंद करती तो
तोड़फोड़ करता
फिर दो दरवाज़ों को खोल दिया
एक आने का
एक जाने का
और थोड़ा...
कैसे करूं खुद को तेरे काबिल ए - जिंदगी, मैं जब आदतें बदलता तू सर्ते बदल देती हैं।।
कभी कभी अंदर की घुटन से दिल और दिमाग इस हद तकतकलीफ में आ जाते है की रोने से भी सुकून नही मिलता ...
अंधेरे को कोसने से बेहतर है
कि एक दीया जलाया जाए।
रात इकाई नींद दहाई
ख़्वाब सैकड़ा दर्द हज़ार!
काश ..!! तुम वो होते जो मैने सोचा था
पर तुम तो वही थे जो दुनिया ने बोला था..!!
ख़ुद को ख़ुद से आज़ाद किया, जा, तुझको हमने माफ़ किया !
बात नहीं हुई सुबह, सुबह नहीं हुई सुबह से सीधा दोपहर हो गई….
जब दिल किसी एक पर ठहर जाए तो..ज़ेहन किसी और को कुबूल नहीं करता..!
अगर किरदार ऊंचा करना है तो अपना हुनर दिखाओ अपनी औकात नहीं..!!
अल्फ़ाज़ नहीं रहे शेष अब, विचारधारा भी है शून्य,
मस्तिष्क में है उथल-पुथल, आवेश भी लगता पुन्य..!!
विरक्ति
रिश्तों को जेबों में नहीं दिलों में रखिए …
माँ ' समझदारी' और पिता ' जिम्मेदारी' के सबसे श्रेष्ठ ज्ञाता है।
बईमानी भी तेरे इश्क ने सिखाई है,तू पहली चीज है जो मेने मां से छुपाई है
दुःख में उपस्थित रहने वाले व्यक्ति, सर्वदा सम्मान के पात्र होते है।
-तरुण श्रीवास्तव
वही ज़िद वही हसरत,
ना दर्द-ए-दिल की कमी हुई
अजीब है मोहब्बत मेरी,
ना मिल सकी ना ख़त्म हुई