चुपके से भेजा था गुलाब उसे...खुशबु ने पूरे मोहल्ले मे शोर मचा दिया...
मुझसे नही कटती ये उदास रातें ,
कल सूरज से कहो मुझे ले कर ढूबे ।।
आदमी की सबसे अच्छी नस्लयुद्धों में नष्ट हो गई,देश का सबसे अच्छा स्वास्थ्यविद्यालयों मेंसंक्रामक रोगों से ग्रस्त है
~ धूमिल
उसने कहा ‘‘फिर मिलेंगे” मैंने कहा “जल्द लौटना” उसने कहा “क्यों?” मैंने कहा “आज से पहले मैंने किसीका यूँ इन्तिज़ार नहीं किया.
ये आईने कभी आँखों को पढ़ नहीं पाते
ये लबों की हँसी से आगे बढ़ नहीं पाते
है जिनके दम से ज़माने में रंग और ख़ुश्बू
वो फूल अपने ही काँटों से लड़ नहीं पाते
मालविका हरिओम
बेटियां बहुत ही ख़ास होती हैं
परंतु फिर भी लोगों को बेटों की चाह रहती है !
ये संवाली रंगत सादा हुलिया उदास आंखें
हम से जो कोई दिल लगाए तो क्यों लगाए!!
देखा है ज़िंदगी को कुछ इतने क़रीब से...चेहरे तमाम लगने लगे हैं अजीब से...
मोहब्बत कभी स्पेशल लोगों से नहीं होती
जिनसे होती है वही स्पेशल बन जाते है
भटकने की आरजू किसको है ,मिल जाओ तुम तो ठहर जाऊं मैं..❤️
किसी गरीब से ये बड़े शहर के लोगपैसे देकर बहुत कुछ छीन लेते है….!!
बड़ा अजीब खेल खेलता है खेलने वाला
दिन भर बारिश में भीगता रहा छाता ठीक करने वाला
शिद्दत से मेहनत करो यार… प्रेमिका केवल संभोग सुख दे सकती है, सफ़लता नही…!
तू समझा नहीं जिंदगी का मकसद,तू उलझा रहा लोगों की गलती ढूंढने में.
अभी तो कहानी शुरू हुई है,
अभी मेरा किरदार तो बाकी है !
जो चल गया वो घूम कर नहीं आता,शायद पहुंच जाता है,किसी दूसरे छोर…….मेरे लिए दुनियागोल नहींलम्बी है…….
सिर्फ मेरे लिए.🥀
बेशुमार इश्क़ है तेरे लिए मेरी इन आँखो में,बस नज़र भर के देख लो मुझे तुम… !!
सिलवटें उतर गई थी चेहरे कि, खुशियों के इंतज़ार में,
मगर मुफलिसी अपनी ऐंठ में, दस्तक लगाए बैठी रही..!!
सूरत नहीं देखी जाती, सीरत देख लोजिस्म का क्या करना जब रूह एक हो
इत्र,परफ्यूम से सिर्फ़, लिबास मेहकता है, क़िरदार नहीं।