छिन जाती है "मासूमियत" चेहरे की,मुफलिसी "उम्र" देखकर वार नहीं करती..!!
कौन देता है रास्ता किसी को..
मैं भी ख़ुद को कुचल के आगे बढ़ा..!!
दिल जलाये नही जाते,
जख्म जलाये होंगे,
जिनको रोशनी चाहिए
जख्मो से भी पा लेंगे।
दिल टूट गया है,
जिंदगी थम सी गई है।
काश, तुम कभी मेरे होते,
तो मैं इतना न रोता।
तुमने मुझे धोखा दिया,
और अब मैं अकेला हूँ।
मैं नहीं जानता कि क्या करूँ,
मैं तुमसे बहुत प्यार करता था।
तुम मेरे सपनों को तोड़ दिया,
और अब मैं...
गांव बदलकर शहर हो रहे हैं,
और इंसान बदलकर जहर हो रहे हैं…
एक दौर के बाद सब कुछ बदल जाता हैं
वक्त, हालात, लोग और शायद हम भी..!!
खुशियां खत्म हो चुकी मेरे जीवन से,
मैं अवसादों का रहगुजर हूं,
और जिसे कोई नहीं तराश सकता,
मैं वो मानव निर्मित पत्थर हूं..
बहुत थे मेरे भी इस दुनिया में अपने,
फिर हुआ इश्क़ और हम लावारिस हो गए ..!!
हया नहीं है ज़माने की आँख में बाक़ीख़ुदा करे कि जवानी तेरी रहे बे-दाग़ ।
मैं किसी और की तरफ देखूंगी भी नहीं,तुम आराम से कामयाब होकर आना….
कब कौन समेटता है यहाँ,खुद तोड़ कर पूछते है महफूज तो हो तुम…
"नजरों का खेल था साहब"
"वो चुरा ना सके हम हटा ना सके"
हर तुफान से टकराएं वो आंधी बनाऊंगा, नए अंग्रेज आएं हैं, नया गांधी बनाऊंगा
किसी को इश्क़ विश्क करना हो तो बता देना,
आज और कल बिलकुल फ्री हूं मैं...
ठहरी हुई ख़्वाहिशों की बंद किताब हूँ मैं..ज्यादा तो नहीं मगर खुद में ही, बेहिसाब हूँ मैं..!!
थक चुका हूं इन पुराने अल्फ़ाज़ों से खेलते खेलते,
तुम मेरे दिल से खेल कर एक नया शब्दकोश उपहार कर दो..!!
तस्वीर तो है ही तुम्हारी है तारीफ-ए-काबिलउससे भी ज्यादा कातिल है होंठों के नीचे ये काला तिल🧚🏻♀️
बातों की उम्र घट सी गई है,,
कभी तुम नहीं मिलते,,
कभी मैं खो जाती हूं,,
ये मतलबी दुनिया है साहेब चाय बनाने के
बाद चाय पत्ती छानकर फेक दी जाती है
ना वो खानदान रहे
ना वो दरियादिल
अब तो लोग किसी
को भीख भी देते हैं
तो चन्द सिक्को के बदले
लाखो की दुवा चाहते हैं