World's Best Cow Hospital

किस चीज़ का बनवाती हो लिबास तुम अपना , कपड़ा तो इस आग को छूकर जल जाता होगा..!

ये मतलबी दुनिया है साहेब चाय बनाने के बाद चाय पत्ती छानकर फेक दी जाती है

मैं खुद अकेला रह गया, सबका साथ देते देते..

हम ताश के वो इक्के हैं, जो बुरे वक्त में सबको याद आते हैं...

ये जो बाप का प्यार होता हैं ना , ये हर प्यार का बाप होता है ..!!

जो बातें हम पी जाते हैं,वो बातें हमें खा जाती है..!!

तुम जब से अतीत हो गए हो वर्तमान बहुत गंभीर हो गया है। सौरभ

किनारा न मिले तो कोई बात नहीं, दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं हैं...

तू अच्छे कर्मों से एक अलग पहचान बन,तू पहले इंसान फिर हिन्दू मुसलामान बन.

वो वक्त और था जब दिल से मुस्कुराया करते थे.. अब चेहरे की खुशी का दिल से कोई वास्ता नहीं..!!

मेरी कमियों को गिनाया न करो ये गिनाने से बढ़ भी सकती हैं मालविका हरिओम

मत करो हमसे यूँ ग़ैरों जैसा सलूक ख़बर हम भी रखते हैं लावारिस हैं हम

मुझको मजबूर न कीजिएगा अदाकारी पर , मैं जो किरदार में उतरा तो क़यामत होगी ..!!

रोज कमाने की फिक्र..एक मर्द की चेहरे की मुस्कुराहट खो जाती है..!!

वह पथ क्यापथिक कुशलता क्याजिस पथ पर बिखरे शूल न होंनाविक की धैर्य परीक्षा क्याजब धाराएँ प्रतिकूल न हों ~ जयशंकर प्रसाद

मैं उनके लिए आम रहता हूँ, जो मेरे लिए खास है..!!

बाद तुम्हारे सब अपनो के मन माने बर्ताव रहे मुश्काने क्या आंसू क्या सालाना त्यौहार हुए

उड़ान वालो उड़ानों पे वक़्त भारी है,परों की अब के नहीं हौसलों की बारी है ।मैं क़तरा हो के तूफानों से जंग लड़ता हूँ,मुझे बचाना समंदर की ज़िम्मेदारी

लिख देने से, कह देने से, बोझ कहां ख़त्म होते हैं ...

मैं उसे देख भी लेता हूं….. छू भी लेता हूं…. भला हो रात का…. नींद का….. ख्वाब का….!


Concept, Created & Designed by sureshjain.com


© copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.

Translate »