समशान सा हैं दिल मेरारोज़ न जानें कितने ख़्वाबजलकर राख होते हैं यहां..!!
हैरत है की हम जैसे लोग भी ठुकराए हुए है
जबकि हम जैसे लोग तो सीने से लगाने के लिए है...
शीत लहर के स्पर्श से
जब मन झंकार उठा
मधु कूक कोयल से
जब हृदय में ज्वार उठा
तब शब्द हार पहन
विरही मन मुख से कविता गान उठा
हमारी सादगी ही गुमनाम रखती है हमें,जरा सा बिगड़ जाएं तो मशहूर हो जाएं।
क्यों अपना दर्द महफ़िल में सुनाया जाए
चलो मुस्कुरा कर सबका दिन बनाया जाए
आभा
जुबां पर भीख रहती है हलक पर चीख रहती है,
ना पैदा हो कभी बेटी हैवानों कि सीख रहती है..!!
विरक्ति
जिस रिश्ते को बचाने के लिए आपको अकेले लड़ना पड़े, वो रिश्ता लड़ाई के भी काबिल नही होता...
एक घुटता रहता है दूसरा हसी में टाल देता हैतकलीफ एक ही होती है बस मिजाज दो होते है
सुलझ भी सकता है झगड़ा उसे कहो कि अभी ,
जुदाई के किसी कागज़ पर दस्तखत ना करें ।।
लोग हालचाल तक पूछना छोड़ देते हैं जब पता चल जाता है कि आप पैसे की वज़ह से असहाय और लाचार हो गए हों...
बच्चे कि सारी जरूरतें पूरी कर उसे हर विपदा से बचाती है,
मां ही है जो बच्चे को गोद में रख अपनी जिम्मेदारी निभाती है!
यदि आप उड़ना चाहते हैं, तो वह सब कुछ छोड़ दें जो आपको नीचे खींचता है।
बुद्ध
शुरू-शुरू में सब यही चाहते हैंकि सब कुछ शुरू से शुरू होलेकिन अंत तक पहुँचते-पहुँचते हिम्मत हार जाते हैंहमें कोई दिलचस्पी नहीं रहतीकि वह सब कैसे समाप्त होता हैजो इतनी धूमधाम से शुरू हुआ थाहमारे चाहने पर।
~ कुँवर नारायण
पद और पैसे से कितने भी अपराध छुपा लो साहब,
किसी गरीब की बद्दुआ तुम्हे सुकून से जीने नहीं देगी...
इंतेहा हूँ मैं, तेरे इश्क़ के समुंदर में रहने वाला लवणीय जीव हूँ मैं
विज्ञान का विद्यार्थी रहा हूँ इसलिए बता रहा हूँकि भूत जैसी कोई चीज नहीं होती…पर चुड़ैलें सच में होती हैं भाई.!!
बोलने में मर्यादा मत छोड़ना,
गालियाँ देना कायरों का काम है।
सरदार पटेल
मेरा संघर्ष एक दिन मुस्कुरायेगा, पाँव से काँटा ख़ुद ही निकल जायेगा
कुछ नही थी ज़िन्दगी तुम्हारे बिना..
तुम मिले हो जब से मुझे जीना आ गया…!!
अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं मुझ को,,
मैंने औरों से सुना है के परेशान हूँ मैं...!!