नौकरी के साथ सबसे बड़ी चुनौती यह है,कि यह अमीर बनने के मार्ग को रोकती है..!!
ज़िन्दगी के कुछ लम्हें और हादसे भुलाये नहीं जाते,हालांकि भुला देने में भलायी होती है.लेकिन अफसोस हमसे ये हो नहीं पाता.
"समर शेष है, जनगंगा को खुल कर लहराने दो
शिखरों को डूबने और मुकुटों को बह जाने दो
पथरीली ऊँची जमीन है? तो उसको तोड़ेंगे
समतल पीटे बिना समर की भूमि नहीं छोड़ेंगे
समर शेष है, चलो ज्योतियों के बरसाते तीर
खण्ड-खण्ड हो गिरे विषमता...
मज़दूर स्त्रियों के साथ अपने खेत में धान की रोपनी की..!
नेहा सिंह राठौर
अंदाज कुछ अलग है अपने जीने का।लोग रुलाना नहीं छोड़ते, हम हँसना नहीं छोड़ते
मै प्यार लिखता रहा वो प्याज पढ़ती रही.. एक शब्द ने मेरी मोहबत को सलाद बना दिया..!!
दुःख रूप बदलता हैलेकिन खत्म नहीं होता
मंगल को बजरंग-बली से तेरा शुक्र मनाऊँऔर शुक्र को तू अल्लाह से मेरा मंगल माँगे
मैं इज़हार करूं तो ना भी हो सकती हैं, तुम करो तो हां की जिम्मेदारी मेरी ...
" वेदनाएं " कभी मृत्यु का रास्ता दिखाती है,,
तो कभी "लेखक" के जन्म का।
हजारों कमियां होगीं मुझे में पर
औरों सा डबल रोल में तो नहीं हूं ना...!!
पवर पहचान बना सकती है
सम्मान चाहिए तो कर्म करो।
माँ होना आसान नहीं…पिता बनना और कठिन है..!!
बड़ी मुद्दतों के बाद लगा कोई मिला है मुझेपर ये तो ख़्वाब था ख़्वाब से गिला है मुझे.।
-नेहा यादव
वो जो ऊपर बैठा है ना.. जिसे हम सब परमेश्वर कहते है..वो कुछ भी कर सकता है..सिर्फ सब्र और विश्वास रखें
कुछ गलत पतों ने हमें आजीवन यात्री बना दिया!
ज़ुबाँ तो खोल नज़र तो मिला जवाब तो देमैं कितनी बार लूटा हूँ मुझे हिसाब तो दे।
कौन रखेगा मेरे होठों पे उंगली अपनी..कौन बोलेगा "नहीं, ऐसा नहीं कहते"..
खास कोई मिले मुझ से इस तरह की मुझ से जुदा ना हो .....!! वो समझे मेरे मिज़ाज़ को और मुझ से खफ़ा ना हो....!!
आग उगलते न्यूज चैनल्स, जहर बाँटते अख़बार,
बहुत हुआ अब बंद करो, नफरत का कारोबार!