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World's Best Cow Hospital

मजबूरिया तुम पर आई और तन्हा हम हो गए

चल ग़ालिब कहीं और चलते हैंयहां हर नागिन के पीछे दो नाग बैठे हैं

धर्म मनुष्य जीवन को बेहतर बनाने के लिए बना था, और आज मनुष्य धर्म को बेहतर बनाने में लगा हैं...

तुम्हारा इंतज़ार बिल्कुल वैसे ही करतीं हूँ, जैसे बचपन में करती थी पापा के दफ़्तर से लौट आने का ..!

यदि लक्ष्य न मिले तो रास्ते बदलो लक्ष्य नहीं, क्योंकि वृक्ष अपनी पत्तियाँ बदलते है जड़ें नहीं...

आह जो दिल से निकाली जाएगीक्या समझते हो कि खाली जाएगी ~अकबर इलाहाबादी

उठाना खुद ही पड़ता है थका टूटा बदन,जब तक सांसे चलती है,कंधा कोई नही देता !

संघर्ष प्रकृति का निमंत्रण है, जो स्वीकार करता है वही आगे बढता है....

शीशे सी है फितरत हमारी,हम टूटने से पहले तक ही कमजोर है.

राम जी की ज्योति से नूर मिला है,सबके दिलो को सुरूर मिला है,जो भी गया राम जी के द्वार,कुछ न कुछ जरूर मिला हैशुभ राम नवमी

प्रेम से विरह उत्पन होता है।विरह से दर्द होता है।दर्द से तड़प, तड़प से प्राथना होती है।प्राथना से भक्ति,भक्ति से ध्यान लगता है।ध्यान से परमात्मा,परमात्मा से संतुष्टि मिलती है।संतुष्टि से चैन और चैन से प्रेम मिलता है।

इस समाज में जो आदमी बुरा नहीं है, वो बेवकूफ समझा जाता है...

महल मेरा रेत का बनवाते हो और पता बारिश को देते हो....!!

कुछ न था मेरे पास खोने को , तुम मिले हो तो डर गया हूँ मैं ।।

सत्य का पहला स्वागत विरोध से होता है.! ~ ओशो

तू मेरा दुःख समझतीअगर तेरा भी इश्क में हारा हुआ एक भाई होता..

लोग खुद पर ध्यान नहीं देंगेलेकिन दूसरों को ज्ञान जरुर देंगे….!

रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था

क्रोध शरीर को जलाता है और पश्चाताप आत्मा को

मुझे ज्ञान मत दो सहाब मेरा वक्त ख़राब है दिमाग नहीं


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