मन का झुकना भी बहुत जरूरी है,
सिर्फ तन झुकाने से भगवान नहीं मिलते.....
गिरवी होते तो ख़रीद लेते,
अब गिरे हुए लोगों की कीमत कौन लगाता है....
गरीबी पर शायरी लिखने बैठा था ,
कमबख्त कलम ही रो पडी।।
गुरु के आशीर्वाद से शोभा नगर कि बढ़ाई थी
फुलवाड़ी मे भ्रमण करते झलक सिया कि पायी थी
मोहित हो गये राम तभी जब दिखी बाग मे जानकी
प्रत्यंचा चढ़ाई हासिल की सीता ये बात थी सम्मान की
राम जैसा धैर्य सीता सी पवित्रता...
इश्क़ और तबियत का कोई भरोसा नहीं मुर्शिद ,
मिजाज़ से दोनों ही दगाबाज़ हैं ..!!
मुझसे ना मिल सकेगा किसी का मिजाज़ ,
मुझको तो अब गुलाब भी काले पसन्द हैं…..🖤
बड़ी मुद्दतों के बाद लगा कोई मिला है मुझेपर ये तो ख़्वाब था ख़्वाब से गिला है मुझे.।
-नेहा यादव
दूसरों के लिए न सही,
खुद के लिए तो अच्छे बनो।
क्यों अपना दर्द महफ़िल में सुनाया जाए
चलो मुस्कुरा कर सबका दिन बनाया जाए
आभा
इंसानों की इस दुनिया में बस यही तो एक रोना है,,अपना दिल दिल होता है,दूजे का खिलौना है..!!
आंखों के समॅंदर में तूफ़ान का आग़ाज़ हैं ,अब कोई अपनी कस्तियां संभालें भी तो कैसे..!!
माँ बाप का सहारा ऐसे बनो, जैसे बचपन में वो तुम्हारा सहारा थे...
उम्मीद ज़िंदा रखिए आज हंसने,वाले लोग कल तालियां भी बजाएंगे….
चाँद पाने की तलब करते हैं
आप भी यार गज़ब करते हैं
अरबों आबादी के बीच सिर्फ तुमसे टकराना और जुदा हो जाना……अपने आप मे बड़ी त्रासदी है बाकी की उम्र शायद इसकी भरपाई में ही गुजरे.
भरे बाजार से अक्सर मैं खाली हाथ आया हूँ ,
कभी ख्वाहिश नहीं होती कभी पैसे नहीं होते ।।
जो दिल मै होते है अक्सर... वो नसीब मै नहीं होते।।
बड़ी चालाकी से खेल गया वो एक शख़्स जो मेरी ज़िंदगी है….
धोखा भी मुझे दिया और धोखेबाज भी मुझे कहा..!!
जीत की आदत अच्छी होती है मगर,
कुछ अपनों के लिए हार जाना भी बेहतर होता है..!!
तू ज़ाहिर है लफ़्ज़ों में मेरे
मैं गुमनाम हूँ खामोशियों में तेरी…