उठते हुए तूफ़ान का मंज़र नहीं देखा
देखो मुझे गर तुम ने समुंदर नहीं देखा
आज जिंदा है…कल गुजर जाएंगे,कौन जानता है कब बिछड़ जाएंगे,नाराज़ न होना मेरी शरारतों से ए मेरे दोस्तये वो पल है,… जो कल बहुत याद आएंगे।
खुदकुशी करने की हो ठानी
तो काफी है आंखो का पानी
दिल टूट गया है,
जिंदगी थम सी गई है।
काश, तुम कभी मेरे होते,
तो मैं इतना न रोता।
तुमने मुझे धोखा दिया,
और अब मैं अकेला हूँ।
मैं नहीं जानता कि क्या करूँ,
मैं तुमसे बहुत प्यार करता था।
तुम मेरे सपनों को तोड़ दिया,
और अब मैं...
आज फिर ग्रह मिले है, आज फिर कायनात ने संदेश भेजा है ,आज फिर उसकी याद आईं है, आज फिर गलतियों पर रोना आया है ,आज फिर …..।।
जलाकर हसरत की राह पर चिराग़ आरजू के , . . हम तन्हा रातों में तेरे मिलने का इंतज़ार करते हैं...!!
दिल तुझे नाज था जिस शख्स पर दिलदारी पर..देख अब वो भी उतर आया अदाकारी पर..
कोई नहीं करता प्यार मुझसे,नफ़रतों का बन गया चेला हूं मैं,न साथी न हमदर्द, न कोई रहबर,दुनिया में बहुत अकेला हूं मैं.
दोनों की मोहब्बत जुदा जुदा कभी तू मुझसे कभी में तुझसे खफा ख़फ़ा,,,,आ लग जा गले मिलकर करें अपने दरमियान सारे मसले रफा दफा,,,,
रविवार का दिन भीचिप्स के पैकेट की तरह होता है,खुलते ही आधा ख़तम !!
लड़कियाँ खिलौना नहीं होती जनाब,पिता तो यूँ ही प्यार से गुड़िया कहते है..
कमियाँ हैं तो रहने दो साहब
खुद को खुदा थोड़ी बनाना है..
रहने को सदा दहर में आता नहीं कोईतुम जैसे गए ऐसे भी जाता नहीं कोई
~ कैफ़ी आजमी
तुम से नाराज़गी नहीं कोई ,हम ख़फ़ा हो गये हैं अब खुद से ।
जो निशुल्क है वही सबसे ज़्यादा कीमती है,नींद शांति हवा और हमारी सांसें….
सबसे ख़तरनाक होता है
मुर्दा शांति से भर जाना
न होना तड़प का सब सहन कर जाना
घर से निकलना काम पर
और काम से लौटकर घर जाना
सबसे ख़तरनाक होता है
हमारे सपनों का मर जाना
सबसे ख़तरनाक वह घड़ी होती है
आपकी कलाई पर चलती हुई...
भर जाएँगे जब ज़ख़्म तो आऊँगा दोबारा
मैं हार गया जंग मगर दिल नहीं हारा
किसी के साथ धोखेबाजी करके खुश मत होना...
तकदीर जब तमाचा मारती है तो वो मुंह पर नहीं...
सीधा रुह पर असर दिखाती है...
व्यवहार में सुंदरता रखिए,
हर कोई चेहरे पर नहीं मरता
मैं खुद की तस्वीरें अब नहीं खींचताकारण बचपन की यादे रुलाती है...