मैं अपने आप को निराश नहीं होने दूंगा
हार की हर दीवार तोड़ूँगा “मैं”और…!!
ज़ोरदार तरीक़े से ही पलटूँगा बार बार हर बार मैं..
शुक्र करो तुम्हें अपना माना हैं मेरे दोस्त, वरना मैं तो कभी अपनी गलती तक नहीं मानती...!
मोहब्बत कहीं न कहीं अपनी हम-ख़्याल पसंदीदा रूह के साथ सारी उम्र , बिना उकताये हम-कलाम होते रहने का नाम है .!!
बारिश में भीग मन बावलाधीरे-धीरे पट हृदय के खोल रहाआंखों से चूम तन बावलामृग कस्तुरी बन स्वच्छंद दौड़ रहा
जो भी जितना साथ दे वो एहसान है, लंबा साथ तो सिर्फ़ ख़ुदा का होता है। लोग इतना ही निभा सकते हैं जितना उसका ज़र्फ़ था सो उतना निभा दिया उसने…
कीतना बेबस हो जाता है इंसान जबवो किसी को खो भी नही सकताऔर उसका हो भी नही सकता
🌺यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत:अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्🌺वसुदेव पुत्र, देवकीनन्दन, गीता के रचईंताभगवान कृष्ण को मेरा वन्दन🥰
उसने कहा ‘‘फिर मिलेंगे” मैंने कहा “जल्द लौटना” उसने कहा “क्यों?” मैंने कहा “आज से पहले मैंने किसीका यूँ इन्तिज़ार नहीं किया.
सुखी वो नहीं जिसके पास सब कुछ है,
सुखी वो है जिसके पास सब कुछ है।
घर की जिम्मेदारियों से जब दब जाओगे,
क्या असर करती है चाय समझ जाओगे।
किसी जगह पर पहुँचने के लिए,
किसी जगह से निकलना भी पड़ता हैं...
अगर अंधे आदमी को आंख मिल जाए तो वो
सबसे पहले छड़ी फेंकता है जिसने बुरे वक्त में
उसका साथ दिया ...
लाचार है बीमार है सही से चल नहीं सकता,एक गरीब बिना मेहनत किये पल नहीं सकता,और जो खुद कांटे हैं उन्हें तक़दीर सुख भेजती है,वहीं मुफलिसी उम्मीद लिए सड़कों पर फूल बेचती है..!!
मुनासिब समझो तो मुझे अपनी आंखों पर होंठ रखने दो
ये डार्क सर्कल सिर्फ खीरे से ठीक नही होंगें
मां बाप की अहमियत उन औलाद से पूछो ,
जो मिलने के लिए कब्रिस्तान जाया करते हैं।।
दुनिया का सारा मोटिवेशन एक तरफऔर मां पापा का यह कहना कि घर के हालात तुम्हें बदलने है ,एक तरफ!
किरदार पे अगर बात आई तो याद रखनाबेरहम इंसान के साथ गालियों में PHD करके बैठा हूं
जानवर इंसान नहीं बन पाते,
इंसान जानवर कैसे बन जाते हैं....
हर बार समझेंगे आप उनको
वो हर बार आपको तोड़ते चले जायेंगे..!!