गाँव को छोड़ के हम शहर कमाने आए
अब ये एहसास हुआ जान गँवाने आए!
कहते हैं आत्मा से ख़ून नहीं बहता शायद इसलिए,
सबसे ज्यादा घाव आत्मा को सहने पड़ते हैं !
सुरमे की तरह पीसा है हमें हालातों ने,
तब जा के चढ़े है लोगों की निगाहों में..!!
सभी देशवासियों को
'महानवमी'
के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं !
आँखों से छलक आता है,जो हृदय में अतिरिक्त हो जाता है, प्रेम, गुस्सा, नफरत या फिर पीड़ा.
मै प्यार लिखता रहा वो प्याज पढ़ती रही.. एक शब्द ने मेरी मोहबत को सलाद बना दिया..!!
औरत बड़ी प्यारी चीज़ है रो लेगी,
मगर अपनी गलती कभी नहीं मानेगी...
मैं "हिंदी" का "आलिंगन" हूँवो "उर्दू" में "आग़ोश"उसको मेरे "बाजुओं" में सुकूँन है,मैं उसकी "बाहों" में मदहोश…
ट्विटर एक ऐसी जगह है जहाँ कोई ना कोई चुपचाप आपसे "नफरत" या "मोहब्बत" कर रहा होता है…शायद मुझसे भी कोई
सब कुछ तमाशा हैं,
जब तक कि वो दूसरे के साथ हो रहा हैं
ये तेरी झुकी हुई पलकें, ये कमसिन अदाएं,
आशिक तो तुझे देख कर ही घायल हो जाए..!!
विरक्ति
पैसा इंसान के असली रूप को बाहर लता है.
बल से तो दुसमन न जीते,
छल से दोगले जीते भी तो क्या जीते......
बड़प्पन देखिये मेरे अपनो का, मुझे छोटा दिखाने पर तुले हैं..
संस्कार ही ऐसे मिले है जनाब दिल से उतरे लोंगो से भी तमीज़ से बात करते है...
बात करने से ही बात बनती है...
बात ना करने से, बातें बन जाती है...!
जिम्मेदारी वो पिंजरा है..
जहां इंसान आजाद होकर भी कैद है..!!
तुम्हारी आँखों ने बसाएं रखा है शहर कोई,कोई तन्हा हो सकता है, कानपुर से खफ़ा नहीं,
चरित्र कि कसौटी पर स्त्री के जज़्बात निचोड़े जाते हैं,पवित्रता कि परीक्षा में हर बार उसके कपड़े उतारे जाते हैं,हर पीड़ा सहकर भी खामोश रहती है वो,उसके ज़ख़्म तो भर जाते हैं मगर निशां छोड़े जाते हैं..!!
दूर खड़ा हो देख लेता हूं मैंतुम मेरी बर्बादी की सबसे हसीन झलक हों…