कोशिश भी कर उमीद भी रख रास्ता भी चुन, फिर इस के बाद थोड़ा मुक़द्दर तलाश कर - निदा फ़ाज़ली
बच्चे कि सारी जरूरतें पूरी कर उसे हर विपदा से बचाती है,
मां ही है जो बच्चे को गोद में रख अपनी जिम्मेदारी निभाती है!
चालाकी,
चतुराई
और
बेशर्मी
के मिश्रण को
आजकल होशियारी कहते हैं!!!
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इश्क़ का ये पहला सबक होता हैइश्क़ में हुक्म नही हक़ होता है !
रात भर ज़हर बनाता है।सुबह से फैलाता है
बहुत थे मेरे भी इस दुनिया में अपने,
फिर हुआ इश्क़ और हम लावारिस हो गए ..!!
आप दीवार के चित्रों को बदल कर
इतिहास के तथ्यों को नहीं बदल सकते है।
जवाहरलाल नेहरू
शाखें तराशने से ना बनेगी कोई बात,
नफ़रत के सारे पेड़ जड़ों से उखाड़ दो.
शिष्य शिक्षक को शिष्य मानने लगे है ?
ऐ जाने वाले जल्दी जामुझे हंसने का मौक़ा दे
कहते-सुनते बात तुम्हारी सो जाता हूँ
ऐसे ही मैं रोज़ तुम्हारा हो जाता हूँ
अश्विनी यादव
आदमी मुर्दे को पूजता है,अस्थियां पूजी जाती हैं।राख पूजी जाती है।लाशें पूजी जाती है।तिरस्कार होता है।और जीवंत का आदमी अद्भुत है।
कमाने की सोचो ,जमाने की नहीं!
बुद्धि और परिश्रम के शिवाय
दुनियाँ में कोई चमत्कार नही है तरक़्क़ी और सुख- शांति का ?
अपने पैरों पे खड़े होकर मरना..
घुटने टेक के जीने से कही बेहतर है..!!
कोशिश करते रहिए ,सफ़ल हुए तो घरवाले ख़ुश और असफल हुए तो पड़ोसी ख़ुश।
जीवन का परिचय बहुत सीधा सा है….आसूं वास्तविक है और मुस्कान में अभिनय है..!!
ये जीवन जिंदगी और मौत के….बीच का एक खूबसूरत सफर है…!!
बड़ा शर्मिला है यारों उसे नही आता प्यारा जतानाझुक कर मेरे कदमों में देखो खरीद लाया दुनिया
खुशियां दुनिया भर की सजाई है उसने यूं आजबांधी है अपने प्यार की पायल पांव में मेरे
दिल्ली में थूका, चाटा,गधे को बनाया बाप
नाम तो लिया नहीं फिर कैसे समझे आप ?
जोगीरा सारा रारा...