पुष्प की सुगंध वायु के विपरीत कभी नहीं जाती,
लेकिन मानव के सदगुण की महक सब ओर फैल जाती है।
गौतम बुद्ध
किसी को टूटने की हद तक दबाना भी ठीक नहीं है।
कितना खूबसूरत वो रिस्ता होता है जिसमे साथी ,,, प्रेम करने के साथ साथ सम्मान करने वाला हो..
पहले पड़ोसी भी परिवार हुआ करते थे,
अब परिवार भी पड़ोसी हो गए हैं...
हमारा खुद का एक रुतबा है,
आप कोई भी हो फर्क नहीं पड़ता
क्या तुम..
नही मिलोगी
यह पूछतीं हैं मुझसे
बेचैन सांसें
मैं बस टकटकी लगाकर
सुनसान सड़क के
उस मोड़ को देखता रहता हूं
जहां से तुम ओझल हो गई थी
इस आस में..
कभी तो समय की ये बेरहम धुंध छटेगी
और तुम..
लौट आओगी...
प्यार, मुहब्बत, ख्याल, एहसास, रिश्ते-नातें, तालुक, वास्ते, सब झूठ, बकवास…अगर इनमें से किसी एक का भी वजूद होता तो, मेरे पास जरूर होता!
आप वो नहीं होते जो आप बतातें हैं
आप वो होते हैं जो आप छुपाते हैं
कभी-कभी शब्दों को पढ़ते व शब्दों को गढ़ने से क़िताब तो पूर्ण हो जाती है,किंतु कहानी अधूरी ही रह जाती है।।
तुम्हारी गोद में सर रख के मेरा सोना..जैसे मानो एक पागल का ठीक होना..!!
दुख है, दर्द है,
इसलिए मंदिर है, भगवान है..!!
सुनो लड़कियों घर से भागो
प्रेमी के साथ नहीं।
इतिहास
भूगोल
विज्ञान
साहित्य की किताबें लेकर,
जब इन किताबों को सीढ़िया बनाकर
मारियाना की गर्त से लेकर,
चांद पर पहुंच जाओगी।
तब कोई भी प्रेमी भगाएगा नहीं
बल्कि
ख़ुद ही चोरी छिपे किताबें देगा
बजाय फूल और झूठी प्रसन्नता के।
सोच रहा हूँ बंद करदु ये शाएरी का सफर
बस तेरी लाल लिपिस्टिक पर पूरी ग़ज़ल लिखदूँ...
जिंदगी पर भरोशा कीजिए जनाबभरोरों पर जिंदगी नहीं…!!
बहुत कम लोग जानते हैं कि वो बहुत कम जानते हैं !
हजारी प्रसाद द्विवेदी
थोड़ा रंग बचा के रखना,
देर से ही सही मगर
हम आएंगे जरूर..
सफर में मुश्किलें आये तो जरूरत और बढ़ती है..
कोई जब रास्ता रोके तो हिम्मत और बढ़ती है..!!
जिंदगी एक रंगीन लिफाफे में लिपटी,
एक उदास चिट्ठी है!!
अनवर चतुर्वेदी
सुनाते हैं सितारे रात भर
सबको को ये अफसाना
कही पे एक शम्मा थी
कही था एक परवाना
जिंदगी में गम बहुत है,खुलासा मत होने देना,
लबों से मुस्कुरा देना,मगर तमाशा मत होने देना..!!