जीवन की असली पढ़ाई,पढ़ाई खत्म होने के बाद सुरू होती हैं…
चले भी आओ कि गुलशन का कारोबार चले।
रावण में लाख बुराई थी फिर भी उसके
राज्य में किसी स्त्री को निर्वस्त्र कर घुमाया
नहीं गया था
खलल पड़ता है मेरी नींद में मुर्शदजब कोई ख्याल मेरे ज़हन पर हावी होता है
बहादुर वह नहीं है जो भयभीत नहीं होता,
बल्कि वह है जो इस भय को परास्त करता है।
दोनों भाई बहनों को ऊंट भी चाहिए और राजस्थान भी नहीं जाना चाहते..शास्त्रों में इसे ही कूटनीति कहा गया है…
अगर आपकी पत्नी या प्रेमिका बेहद शान्त स्वभाव की हैं तो ये आपके लिए चिंता का विषय है क्योंकि उच्च कोटि की रिवाल्वरों में ही साइलेंसर लगा होता है…
प्यार हो या परिंदा, दोनों को आज़ाद छोड़ दो... अगर लौट आया तो तुम्हारा और अगर न लौटा तो वह तुम्हारा था ही नहीं कभी...
जो हर मुलाकात पे चाय पिलाते हैं ,
वो लोग सीधा मेरे दिल को भाते हैं ।।
कोई व्यक्ति कितना ही ख़ास क्यों न हो,
उसे एक पल में त्यागने कि क्षमता तुम्हारे भीतर अवश्य होनी चाहिए।
"पाई पाई, तेरे जुल्मों का हिसाब रखेंगे,हम सब याद रखेंगे!"
मरीज़ हमको दवाएँ बताने लगते हैं
बुरा हो वक़्त तो सब आज़माने लगते हैं
नए अमीरों के घर भूलकर भी मत जाना
हर एक चीज़ की कीमत बताने लगते हैं
मलिकज़ादा जावेद
एक हल्की सी मुसकुराहट से शुरू हुई मोहब्बत, हज़ार आसूं बहाने से भी खत्म नहीं होती...
जन्नत तो सिर्फ दिल की ख्वाहिश है ,
हक़ीक़त तो माँ का होना जन्नत है ।।
पहले तो मोहब्बत से नफरत थी, यहांअब तो दोस्ती से भी नफरत सी हो गईं.
त्याग वहीं करें जहां उसकी जरूरत हो,
दोपहर में दिया जलाने से अंधकार नहीं खुद का वजूद कम होता है !
कुछ ख़्वाब तुमनें तोड़ दिए..और कुछ हमनें देखने छोड़ दिए..!!
माँ बाप तो हर औलाद को बहुत अच्छे मिलते है
मगर हर माँ-बाप को अच्छी औलाद नही मिलती
न मैं शायर हूँ न मेरा कोई शायरी से वास्ता ,
बस एक आदत सी हो गई उसकी यादों को बयान करना ..!!
जिंदगी का सबसे कठिन काम है,
सही इंसान की पहचान करना....