जूते रगड़ कर बनाई गई पहचान और,जूते चाट कर बनाई गई पहचान में बहुत फर्क होता हैं।
दर्द
अपमान
ठोकर
और धोखा इंसान को पूरी तरह बदल देते हैं !
इंसान की ये आदत है ना मिले तो सब्र नही करता
और मिल जाये तो कद्र नही करता..
जोर बाकी नहीं उड़ान में क्यावर्ना रखा है आसमान में क्या
काश तू चाॅंद , और मैं सितारा होता ,आसमान में , आशियां हमारा होता..!!
लोग तुम्हें दूर से देखते ,पास से देखने का हक , सिर्फ हमारा होता..!!
नमाज में दुआऔर मोहब्बत में निकाह बहुत जरूरी है !
चुपके से भेजा था गुलाब उसे...खुशबु ने पूरे मोहल्ले मे शोर मचा दिया...
दिल से फसाते है लोगऔर दिमक से लूट लेते हैं…..!!
ज़िंदगी जोड़ घटाव से नहीं, प्रेम और लगाव से है।
जीवन कि सभी यातनाओं से अब मुक्ति कि सौगात चाहिए,
सो जाऊं सुकून कि नींद तेरी गोद में ऐसी हसीन मौत चाहिए..!!
विरक्ति
दुश्मन के शोर से ज़्यादा..
दोस्त की खामोशी तकलीफ देती है..
मनुष्य कितना भी बड़ा क्यों न बन जाए,
उसे हमेशा अपना अतीत याद करते रहना चाहिए।
मुझे भी सिखाओ तुम मुकरने का हुनर
थक गया हूं वादे निभाते निभाते!
किसी के लिए जरूरी होना,और फिर गैर जरूरी होनाहाँ , यही तो जिंदगी है…
लाख समझाया था उसको की दुनिया विश्वास के लायक नही हैफिर भी उसने मुझे छोड़ थामा किसी गैर कोअब वो खाए लाख ठोकरें मुझे उसका हाथ थामना ही नहीं हैजेहन में रहेगा ताउम्र वो हां ज़िंदगी में अब मुझे उसको...
विश्वास बन के लोग ज़िन्दगी में आते है,ख्वाब बन के आँखों में समा जाते है,पहले यकीन दिलाते है की वो हमारे है,फिर न जाने क्यों बदल जाते है !
आदमी जब थक जाता हैस्त्री को ढुँढ़ता हैआदमी जब उब जाता हैस्त्री को ढुँढ़ता हैआदमी जब टुट जाता हैस्त्री को ढुँढ़ता हैइसे दुसरे तरीके से कहें तोथके टुटे और उबे हुऐ आदमी कोसिर्फ स्त्रीयॉ बचाती हैं..!!
मुकम्मल हो गर इश्क़ तो तेरे सारे नखरें झेलूं मैं,
तुझे लेकर अपनी आगोश में तेरी जुल्फों से खेलूं मैं..!!
विरक्ति
कुछ पाना है तो स्वयं पर भरोसा कीजिये..
सहारे कितने भी सच्चे और अच्छे हो
साथ छोड़ ही जाते हैं..!!
कुछ नहीं था बेचने को ,अपने दिल के ख्वाब बेचे हैं...