मैंने अपनी पीड़ा किसी को नहीं बताई,क्योंकि मेरा मानना है कि व्यक्ति मेंइतनी ताकत हमेशा होनी चाहिए कि अपने दुख,अपने संघर्षों से अकेले जूझ सके
दिलों के ताले की चाबी
लफ्ज़ में नहीं लहजे में होती है !
वो मुझे भीख की तरह दे रहा था इश्क अपना,मैने भी अमीरों की तरह लेने से मना कर दिया
जो जिंदगी बची है उसे मत गँवाइए
बेहतर यह है कि आप मुझे भूल जाइए
कभी-कभी लोग सच नहीं सुनना चाहते क्योंकि
वे नहीं चाहते कि उनका भ्रम टूट जाए।
फ़्रेडरिक नीत्शे
कुछ सामान हुआ इधर उधर
फिर से सम्भाल कर रख दिया
पर नुक़सान ना हुआ
हालाँकि तूफ़ान तेज था
और मैं जानती थी
कि वो ज़िद्दी है ……
घूम कर सारा जहां,
मेने खो दिया अपने आप को!
यहां दरिया पे पाबंदी नहीं है,मगर पहरे लबों पे लग रहे है !
इबादत में बैठे हुए लोगों को मारने पीटने का काम
शैतानों का होता है इंसानों का नहीं...
उदासियों में कोई हमसफ़र नहीं होता ,
तमाम लोग ख़ुशी में शरीक होते हैं ।।
ए सुनो ना….मेरी सांसों को तुम्हारी सांसों की गहराई नापने दो आज…रात भर तुम्हें निहारना चाहता हूं…तो तुम मेरी बाहों में लिपट कर सो जाओ…मगर मुझे जागने दो आज
आकर वतन से दूर तरक्की की छाव मेंपरदेश हम ने बाँध लिए अपने पाँव मेंरह कर अज़ीम शहरो में परवेज़ आज भीदिल का कयाम है उसी छोटे से गाँव में
सजा मे तुम मिलोगे तो बोलो , गुनाह क़बूल कर लूँ ..!!
प्रेरणा के लिए पिता का संघर्ष,
देखना ही पर्याप्त होता है.....
मन में रखते हीन भावना, पेशे से शुद्ध चाटुकार हैं,
बनते कद्दावर नेता हैं, लेकिन फितरत से गद्दार हैं..!!
जब मुसीबत सर पर भारी हो,
तब सारे दांव फंस जाते हैं,
और जिनको समझते हैं हम घनिष्ठ,
अक्सर वही डंस जाते हैं..!!
ख़्वाब ख़्वाहिश ख़ैरियत है ज़िंदगीहक़ीक़त उल्फ़त कैफ़ियत है ज़िंदगी
एक उम्र के सौदे में बंधी हुईइनायत इबादत तबियत है ज़िंदगी..!
ये मेरी जिंदगी के हादसे यूं ही नहीं हुए हैं ,,कुछ लोगों की मेहरबानी ने अच्छा घुड़सवार बना दिया..!!
मैं तुम्हरे साथ हूं कहने में और,रहने में बहुत फर्क होता है….
किसी रोज सुबह का कुछ ऐसा नजारा हों
खुलें जब ऑंखें सामने चेहरा तुम्हारा हों.!