एकांत स्वयं को जानने का एक जरिया है।
फ्रैंज काफ्का
मेरा धर्म बड़ा इस दंभ मे गला अपनो का रेत रहे,पहले मकां थे जो इंसान वो अब केवल खेत रहे,
शमसीर सी वाणी दिल मे नफरत कि आग है,कैसे रौशन होगा गुल यहा हर इंसान नाग है,
और अपने स्वार्थ मे निर्दोषो...
ना होने का एहसास सबको है,
मौजूदगी की कदर किसी को नहीं…
तू रहे मेरी हँसी में,
मैं रहूँ तेरी ख़ुशी में..
♥️♥️
ज़िन्दगी बहुत खूबसूरत है इसे बचाएं,
फिलहाल दूरियों से ही इसे सजाएं..!!
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकाँ आईमैं घर में सब से छोटा था मेरे हिस्से में माँ आई
ये रविवार नही आसान
कपड़ो का दरिया है
धो धो कर सुखाना है.
एक नफरत ही है जिसे दुनिया चंद लम्हो मे जान लेती है
वरना चाहत का यकीन दिलाने मे तो जिंदगी बित जाती है
छोड़े थे तेरी खातिर कितने हसीन लोग
उनमें से एक के बराबर भी नहीं हैं तू
सही लोगों की रक्षा करें और बुरे लोगों का नाश !
बूँद पानी को मेरा शहर तरस जाता है
और बादल है कि दरिया पे बरस जाता है
बस एक ख्वाहिश है की एक ऐसी डेट हो...जिसमे ☕चाय के साथ तुमसे भेट हो....
जो आपके सामने दूसरों की निंदा करते है,
वो दूसरों के सामने आपकी निंदा जरूर करेंगे।
वर्तमान में
स्त्री का एक हिस्सा ,
उसके बहोत से हिस्सो पर
भारी पड़ रहा है ।
ना वो खानदान रहे
ना वो दरियादिल
अब तो लोग किसी
को भीख भी देते हैं
तो चन्द सिक्को के बदले
लाखो की दुवा चाहते हैं
"जिन्हें ईश्वर ने हृदय और परख दी है,
वे आदमियों की पोशाक नहीं देखते,
उनके गुण और चरित्र देखते हैं।"
मुंशी प्रेमचंद
कोई गिरता गया कोई गिर ही गया
बिछड़ना नहीं,
सम्मान ख़त्म हो जाना प्रेम का अंत हैं...
एक रोज़ कोई आएगा सारी फुरसत लेकर, एक रोज़ हम कहेंगे जरूरत नहीं रही अब
यूँ भी हयात में है, जवानी की अहमियत
जैसे शदीद प्यास में पानी की अहमियत
रफ़्तार में रहें न रहें और बात है
लेकिन है ज़िंदगी में रवानी की अहमियत
लोगों ने सिर्फ़ सुन के, बजा दी हैं तालियाँ
किरदार को पता है कहानी...