विश्वास का पौधा लगाने से पहले जमीन को
परख लेना क्यों कि हर मिट्टी वफादार नहीं होती..
तुमने मेरी आंख में शाय़द झांक कर नहीं देखातुम मेरे करीब से इतना बचकर निकल गये
हर लम्हा सांसें बुड्ढी हो रही है
जिंदगी मौत के साये में हैं फिर भी जिद्दी हो रही है
बेवफा को बेख़बर रखना मेरी मौत की खबर से
जमाने के लिए आंसू हैं वो अंदर हस रही है!!
अफ़सोस हो रहा है तेरा हाल देखकर ,
तुझको भी मेरे बाद मोहब्बत नहीं मिली ।।
सितमगर हो तुम खूब पहचानते है
तुम्हारी अदाओ को हम जानते है
दगा बाज़ हो तुम सितम ढाने वाले..
हज़ार बुराईयां हैं मुझमें, अच्छाई सिर्फ एक ही हैतुम्हारे 'न चाहने पर भी… "तुम्हें चाहते हैं.
जीवन का परिचय बहुत सीधा सा है….आसूं वास्तविक है और मुस्कान में अभिनय है..!!
मुझसे ही क्यो पूछते हो सब, उनके बारे में, कभी उनसे भी पूछ लिया करो, मेरे बारे में...
पहाड़ पर चढ़ो तो पहाड़, पहाड़ नहीं रह जातानदी पार कर लो तो नदी, नदी नहीं रह जाती
लेकिन आदमी कोजितना समझते जाओउतना वह मुश्किल होता जाता है।
~ विष्णु नागर
मज़लूम होते हुए फ़तेह हासिल करना, यह मैंने इमाम हुसैन से सीखा
महात्मा गांधी
योजना के बिना
लक्ष्य सिर्फ इच्छा है
सिंगल विंगल तो बस कहने की बात है वरना,थोड़ा बहुत चक्कर तो सबका चल रहा है...
प्रतीक्षा मे प्रेम अमर हो जाता हैं,और रूह हमेशा के लिए उम्र-कैद !!
लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने मेंतुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में
जो बातें हम पी जाते हैं,वो बातें हमें खा जाती है..!!
याद रखना सपने तुम्हारे है तो पुरे भी तुम ही करोगे , न तो हालात तुम्हारे हिसाब से होंगे और न ही लोग !
मांँ की आंखों में देखा तो एहसास हुआ , खुदा उसे मुझ से बेहतर औलाद देता।
रिश्तों को निभाने में
भावनाएं होनी चाहिए, विवशता नहीं..
बहुत कम लोग जानते हैं
कि वो बहुत कम जानते हैं
अपने दर्द खुदा को बता दिया करो, फिर दर्द जाने दवा जाने और खुदा जाने...