ग़म और ख़ुशी में फ़र्क ना महसूस हो जहां
मैं दिल को उस मकाम पे लाता चला गया
साहिर लुधियानवी
जब जिम्मेदारियां गले लगाती है ,तो हर चीज़ से हिसाब करना पड़ता है!
कभी न कभी ज़िन्दगी मेकिसी कवि से प्रेम जरूर करना
वो शायदनहाता कम होगापर दिन मे दो बारवो खुद को खंगलता जरूर होगाअपने अंदर के खयालो कोसड़ने से काफी पहलेकागजो पर निकालता जरूर होगा
इसलिएएक बार को हीऐसे किसी शख्स के करीब...
चरण कमल राधा रानी के, जहाँ जहाँ पड़ जाएं,
मिट्टी के कण भी झूम झूम, बस राधे राधे गाएं !!
अच्छे निर्णय लेना अनुभव से आता है,
और अनुभव बुरे निर्णय लेने से आता है।
बेहिसाब झूठ कहा तो खुदा मान बैठे,
जरा सा सच बोल दिया बुरा मान बैठे!
तुम्हरा शक का बोझ इक दिन
इश्क़ की नैय्या डुबो देगी.....!!
अगर लोगों को आपसे समस्या है तो ये, समस्या उनकी अपनी है "आपकी नहीं...
बात से बदलने वाले और जज़्बात से खेलने वाले इंसान से दूरी जितना बना के रखो उचित होता है...
जीत का जुनून है, फिर हार सोचना क्यों!
रोक कर बैठे है ज़िंदगी को
तुम आओ तो जिना शुरू करेंगे..
"खंजर" भी हैरान था मेरे जख्म देख के बोल पड़ाक्या "इश्क" में मुझसे भी ज्यादा "धार" होती है
इश्क़ और सुबह की चाय
दोनों एक समान होती हैं,
हर बार वही नयापन,
हर बार वही ताज़गी...
मन का झुकना भी बहुत जरूरी है,
सिर्फ तन झुकाने से भगवान नहीं मिलते.....
शुक्र करो तुम्हें अपना माना हैं मेरे दोस्त, वरना मैं तो कभी अपनी गलती तक नहीं मानती...!
फर्क बहुत है तेरी मेरी समझ में,..तूने जज़्बातों से सीखा है और मैने हालातों से..!!
चार दिन की जिंदगीकुछ भी गिला न कीजिये,दवा, जाम, इश्क़, जहर जो मिले मजा लीजिये
तेरे जानें से ज्यादा फ़र्क नहीं पड़ा
जहा दिल होता था अब वहा दर्द होता हैं.
पहले उतारी तस्वीर "चिता" की, फिर "हांथ" सेक लिया,
"अहंकारी" हो गया था मैं, मैंने अपना "अंत" देख लिया..!!
निकले हैं वो मेरी शख्सियत तराशने,
जिनके खुद के किरदार मरम्मत मांग रहे है।