जरा भी असर नहीं होता मुझ पर इन सांपों के ज़हर का,
मैंने अपनी जवानी में एक मशहूर नागिन को मुंह लगाया था !
अहमियत दी तो कोहिनूर खुद को मानने लगे,
कांच के टुकड़े भी क्या खूब वहम पालने लगे.
मुझे पसंद है अपने आप से खुश होना , मुझे डर लगता है तारीफ करने वालों से ..!!
यूं तो दिखावे के लिए लोग बहुत ही दिल से मिलते हैं पर जो दिल से मिलते हैं वो बड़ी मुश्किल से मिलते हैं !!!
आज की दुनिया का यही कायदा है,
उधर कदम जिधर फायदा है....!!
मुक़द्दर की लिखावट का एक ऐसा भी काएदा हो....
देर से किस्मत खुलने वालों का दुगुना फायेदा हो...!!!
मन से उतर रहे हैं,
दिल में रहने वाले...
मेरे कांच जैसे दिल मे,
कुछ पत्थर जैसे लोग रहते है।
❤️🩹
त्याग वहीं करें जहां उसकी जरूरत हो,
दोपहर में दिया जलाने से अंधकार नहीं खुद का वजूद कम होता है !
ख्वाब ख्वाहिश और लोग,जितने कम हों उतना अच्छा है…
आप से बिछड़े तो खुद को और बेहतर कर लियाआंख को दरिया कर ना पाये तो दिल को पत्थर कर लिया
"मां नहीं है"पीहर के Gate पर पहुंचते हीमां, मां, मांका शोर करते हुए अंदर घुसनाअब थम सा गया हैक्योंकि मां नहीं हैकुछ अपनी कुछ पराई बातें होती थींकुछ जुबान से तो कुछ आंखों ही आंखों मेंसमझ जाती थीअब कहने को...
अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने के लिए,
हिम्मत और ज़मीर का ज़िंदा होना चाहिय...
मेरे मुस्कुराने और खुश रहने में बड़ा अंतर है, जिस दिन तुम समझ जाओगे... यकीनन लौट आओगे.!!
हे बजरंगबली आप करूणा के सागर दया के भंडार हो,अपनी कृपादृष्टि बनाए रखो बाबा जिससे सबका बेड़पार हो..!!
आज मेरी कॉल न उठाने वाले,कल को….ये आवाज़ नहीं होगी तो पछताओगे.
मुझे ज्ञान मत दो सहाब
मेरा वक्त ख़राब है दिमाग नहीं
बस दिल करता है ,कोई समझ ले ,संभाल ले ,समेट ले ...
मेरा दुख दर्द महज़ आपके लिए,मनोरंजन एवं बकवास का विषय है.
मेरे संग-तराश तुने ये अजीब बुत तराशाइसे पूजता रहूं मैं यही दिल की हसरतें हैं