sj_coat_512x512_web

World's Best Cow Hospital

मैंने अपनी पीड़ा किसी को नहीं बताई, क्योंकि मेरा मानना है कि व्यक्ति में इतनी ताकत हमेशा होनी चाहिए कि अपने दुख, अपने संघर्षों से अकेले जूझ सके

सुना आज एक झुठल पार्टी का तोतला प्रवक्ता कूट दिया गया

पानी अगर शांत हो तो,गहराई से मज़ाक नहीं करते….

नशा सूरत का होता तो कब का उतर गया होता , मुझे तलब तो उसकी सादगी की है ..!!

ब्रह्मा से कुछ लिखा भाग्य में मनुज नहीं लाया है, अपना सुख उसने अपने भुजबल से ही पाया है।" रामधारी सिंह 'दिनकर'

एक दिन तेरी ज़िन्दगी में ऐसा भी आयेगा, मेरी आंखों में आंसू कम होंगे, तेरे ज़ेहन में पछतावा ज्यादा होगा...!!

चिंतनहीन निर्णय और निर्णयहीन चिंतन कभी भी कारगर नहीं होते...

सर कुचलने का भी हुनर रखती हूँ; नगिन के डर से जंगल नही छोड़ा करती मैं !!

सत्य की गाड़ी में बैठेंगे तो कष्ट के स्टेशन तो आएंगे !!!

उम्मीदों का दीया गर न होता बुझ जातीं जाने ज़िंदगियाँ कितनी

खुश और शांत नजर आने वाला इंसान, अक्सर तूफानों से घिरा होता है....!!

1

एक घुटन सी हो रही थी मुझे संपूर्ण रात्रि ,घबराहट सी हो रही थी अपने ही अंधेरे कमरे में....भोर की सुनहरी रौशनी आई एक हल्की दस्तक लिए ,उदासी तमाम मेरे कमरे के दरवाज़े से फ़ौरन ही विदा हो कर नई...

कबीरा खड़ा बाजार में, सबकी मांगे खैर,न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर।

'आज का प्रत्येक संवेदनशील व्यक्ति प्रेम का भूखा है।' ~ मुक्तिबोध

ज़िन्दगी इतनी मुश्किल इसलिए है..क्यूंकि लोग आसानी से मिली चीज़ की क़द्र नहीं करते..!!

छुप छुप कर क्यूँ पढ़ते हो अलफाजों को मेरे,सीधे दिल ही पढ़ लो सांसों तक तुम ही हो..!!

कितना बचा के रखते हैं हम समाज में अपनी छवि को, जबकि बचाना हमें हमारे विचारों और कर्मों को चाहिए अर्चना अनिरुद्ध

काश हमारे प्यार की नैया भी कबूतर पार लगाता, तुम्हारा पैगाम अपने पैरो से मुझ तक पहुंचाता, ख्वाब सात जन्मो के हम भी देख लेते तुम्हारे साथ, अगर मुकद्दर को होता मंजूर तो तुमसे मिलवाता, और हम भी महका देते कमरे को गुलाब के...

ये मत पूछो पहचान कहां तक है , तू बदनाम कर तेरी औकात जहां तक है..

जाने कैसे बीतेंगी ये बरसाते मांगे हुए दिन है मांगी हुई राते


Concept, Created & Designed by sureshjain.com


© copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.

Translate »