हमारे भविष्य का आधार आज के यथार्थ,
लिए गए निर्णय पर निर्भर करता है..!!
भरोसे का पात्र नहीं रहता वो व्यक्ति ,जो भावनाओ के साथ खेल गया हो !!
गुलामी के दावत से बेहतर हैं,
आज़ादी की सुखी रोटी...
‘’शोक मत करो ! नहीं उतरेगा कोई भी उत्सव
बुलावे पर उनके लाल क़ालीनों पर
करेंगे सारे उत्सव प्रतीक्षा
न्योते की तुम्हारे रोककर साँसें अपनी
बस करना होगा थोड़ा सा इंतज़ार”
आज शाम सजेगी वो दुल्हन सी,
उसका साजन आज फिर से छत पर आएगा....
अपने हाथों से पिलाकर पानी,
वो आज फिर मेरी मोहब्बत को गले लगाएगा..!!
नफरत आसान है, कोई भी कायर नफरत फैला सकता है
दयालु होने के लिए साहस की आवश्यकता होती है
तुम्हारी नामर्दानगी बुजदिली,
एक दिन इस देश की तबाही का कारण बनेगी।
शरीर सुंदर हो या ना हो अपने शब्द सुंदर रखिये, इंसान चेहरा नहीं शब्द को याद रखता है..
इस से पहले कि बे-वफ़ा हो जाएँ,
क्यूँ न ऐ दोस्त हम जुदा हो जाएँ...
“हम मिलेंगे कब ?
उसने पूछा
एक साल और एक जंग के बाद,
मैंने बताया
जंग कब ख़त्म होगी ?
उसने पूछा
मत रखना अपेक्षा किसी से,एक एहसान खुद पर जता लेना,इस स्वार्थी छल कि दुनिया में,तुम अपना सम्मान बचा लेना..!!
अगर आप एक खुशहाल जिंदगी जीना चाहते हो तो,उसे अपने लक्ष्य से जोड़ो ना की किसी इंसान या चीजों से !
जीवन में कभी मौका मिले
तो सारथी बनना, स्वार्थी नहीं !
ज़िंदगी शायद इसी का नाम है..दूरियाँ मजबूरियाँ तन्हाइयाँ….!!
मां हमारी पहली गुरू जो दुनिया का सारा तजुर्बा दिया है
इसलिए मां का स्थान ईश्वर से भी ऊंचा माना जाता है...
पसंद आईं कुछ भी चीज़ें,ज़्यादा देर तक ठहरती नहीं हैं…
एक गुमनाम सा किरदार,
हमारा भी हैं कहीं,
जज्बात तो बहुत हैं,
मगर हक एक भी नहीं,
करना तो बहुत कुछ हैं किसी एक की खातिर,
मगर मन इसी कश्मकश में हैं कि उनके जीवन में,
हमारा कोई अस्तित्व भी तो नहीं कही ..
पहले प्यार अंधा होता था
फिर उसने अपना इलाज़ कराया,
अब वो सब देखता है
गाडी,बांग्ला,पैसा !!
जैसा तुम सोचते हो ना वैसे तो हम हैं नहीं और जैसे हम
हैं ना वैसा सोचने की तुम्हारी औकात नहीं है..!
तेरे हुस्न को परदे की क्या जरूरत,,,
कौन होश मे रहता है तुझे देखने के बाद,,,