ना जाने कौन सी दौलत है तुम्हारे लहज़े में,बात करते हो तो दिल खरीद लेते हो….
माना कि दौर नहीं है सादगी का पर क्या करूँ नहीं आता दिखावा करना
संयम क्या है?एक युद्ध अपने ही विरुद्ध
आँखों से निकले हर आँसू कोतलाश होती है अपनी एक मुस्कान की …
किसी के बुरे वक्त पर ना हसो,ये वक्त चेहरे याद रखता है….
कभी ये मत सोचना की हम तुम्हे याद नहीं करते,
रात की आखरी और सुबह की पहली सोच हो तुम
मुकद्दर में लिखीकोई बात हो तुम,तकदीर की एकखुबसुरत सौगात हो तुम,करके प्यार तुम्हेंमहसूस किया जैसे,सदियों से यूं हीमेरे साथ हो तुम..!
ब्रह्मा से कुछ लिखा भाग्य में मनुज नहीं लाया है,
अपना सुख उसने अपने भुजबल से ही पाया है।"
रामधारी सिंह 'दिनकर'
घाव के ठीक हो जाने से,हादसे भूले नहीं जाते...
राम दवा हैं रोग नहीं हैं सुन लेना
राम त्याग हैं भोग नहीं हैं सुन लेना
हरिओम पंवार
मैं तुम को भूल तो जाऊँ .. मगर छोटी सी उलझन है,
सुना है दिल से धड़कन की जुदाई .. मौत होती है
वह पथ क्यापथिक कुशलता क्याजिस पथ पर बिखरे शूल न होंनाविक की धैर्य परीक्षा क्याजब धाराएँ प्रतिकूल न हों
जयशंकर प्रसाद
शिद्दत से मेहनत करो यार… प्रेमिका केवल संभोग सुख दे सकती है, सफ़लता नही…!
कोई ये कैसे बताए कि वो तन्हा क्यूँ हैवो जो अपना था वही और किसी का क्यूँ हैयही दुनिया है तो फिर ऐसी ये दुनिया क्यूँ हैयही होता है तो आख़िर यही होता क्यूँ है
-कैफ़ी आज़मी
शरीर सुंदर हो या ना हो अपने शब्द सुंदर रखिये, इंसान चेहरा नहीं शब्द को याद रखता है..
बदले बदले से सब हुज़ूर नज़र आते हैं
चुनाव तक कौन कौन वही रह जाते हैं।
गर खुद को
रखना है जवान
तो दिल को
सम्भाल कर रखिये
तजवीज ये ही
दिल को किसी ना किसी से लगा कर रखिये
मुझे खेद है कि मैं प्यार में बुरा हूँ
लेकिन मैंने तुम्हें अपनी सारी खामियों के साथ प्यार किया।
सब कुछ चुराया जा सकता है।
पर दुनिया में कोई किसीका इरादा नहीं चुरा सकता।
इश्क़ ने सीख ही ली वक़्त की तक़सीम
के अब वो मुझे याद तो आता है मगर काम के बाद