ख्वाब झूठे ही सही लेकिन
तुमसे मुलाकात तो करवाते हैं
ᵈ᭄•समंदर...༈
बस पेड़ गांव के हिस्से में होते है
और
फल शहर को मिल जाते हैं ।
बहते हुए पानी ने
पत्थरों पर निशान छोड़े हैं
अजीब बात है
पत्थरों ने पानी पर
कोई निशान नहीं छोड़ा।
ज़िन्दालाश बना देने वाली,
समय की मार से अंंजान था मैं,
रूह सहमी थी परिस्थितियां देखकर,
जिस्म से बेजान था मैं..
जहां साधारण लोगों की हिम्मत टूट जाती है,
वहीं से इतिहास रचने वाले शुरुआत करते हैं
चाहने वालों की संख्या कम हो जाए चलेगा..मगर, जलने वालों की संख्या बढ़ती रहनी चाहिए…
परिवार, हालात और रिश्ते जो संभालना चाहता है,वही झुक जाता है,वर्ना स्वाभिमान तो सुदामा का भी कहाँ कम था।
यह जादू तो है मेरे पास
कि मैं तकलीफ़ को कविता में बदल
देता हूँ, और सौभाग्य
को ख़ाक में।
देवी प्रसाद मिश्र
बारिश के मौसम में सन्नाटे में, एकांत का असली सुख पता चलता है, हम जिस रस में होते हैं उसी में डूब जाते हैं, इसमें भी हल्की ध्वनि में संगीत सुनते हुए मदिरापान का आनंद शेष सभी प्रकार के सुखों...
कुछ ख़्वाब तुमनें तोड़ दिए..और कुछ हमनें देखने छोड़ दिए..!!
मोमबत्ती को आखिर में ही पता चलता है कि
उसे उस धागे ने ही खत्म किया,
जिसको वो सीने में छुपाए रखती थी...
पत्नी की बातों को एक कान से सुनकर दूसरे कान से रोज़ निकालना भी,किसी योग से कम नहीं होता है.!
हम ईश्वर से वो मांगते हैं जो हमें अच्छा लगता है,
परन्तु ईश्वर हमें वो देते हैं जो हमारे अच्छे के लिए होता है!
ले आया गजरा तुम्हारे लिए
कहो तो जुड़े में लगा दूं तुम्हारे...
✯ᵈ᭄•समंदर...༈
एक पीढ़ी का पाखण्ड अगली पीढ़ी की परम्परा बन जाती है।
हेलेन केलर
धड़की थी जो आपको देखकर,
याद है मुझे अब भी वो...
पहली धड़कन...💕
क्या तुम्हे याद है...?
शाम को तेरा हस के मिलना..दिन भर की तनख्वाह है मेरी...!!
जलाकर हसरत की राह पर चिराग़ आरजू के , . . हम तन्हा रातों में तेरे मिलने का इंतज़ार करते हैं...!!
जब भी दुनिया ने मुझसे प्रेम की पूर्ण परिभाषा पूछीं मैं कागज़ पर केवल तुम्हारा नाम ही लिख पाया।
कुछ नहीं बचा मेरे इन दोनो खाली हाथों मेंएक हाथ से किस्मत रूठ गई,और दूसरे हाथ से मोहब्बत छूट गई..🥀