शहर से अच्छा तो अपना गाँव है,
जहाँ हम मकान नम्बर से नहीं
‘पिता’ के नाम से पहचाने जाते हैं.
बेवफ़ाओं के तो बन जाते हैं हज़ारों महबूब,
निभाने वालों का कब कौन यहाँ होता है
काँटों से दिल लगाया है, लहूलुहान होने दो
अभी ज़मीं कहा है बस, उसे आसमान होने दो
जब सांस आखिरी हो, और दो शब्द की मोहलत होएक नाम तुम्हारा लूं एक शब्द मोहब्बत हो....!!
मेरी हर गुफ्तगू जमीन से रही,
यूँ तो फुर्सत में आसमान भी था...
कभी कभी ऐसा क्यों लगता है तू मेरा होकर भी जुदा सा क्यों लगता है ?माना तेरी भी कुछ मजबूरिया है पर ये तों बता ये जो तेरी हर आहट का इंतजार करता है ये शक्श आखिर तेरा क्या लगता...
सच को कहाँ होती है तमीज़ बात करने की ,झूठों से सीखो कितना मीठा बोलते हैं …
जिंदगी में गम बहुत है,खुलासा मत होने देना,
लबों से मुस्कुरा देना,मगर तमाशा मत होने देना..!!
कहां से लायी हो इतनी खूबसूरत आंखें…सारे जहां की खूबसूरती समेटे हुए..कौन कहता है कि छोटे कपड़ों में ही सुंदर दिखा जा सकता है.. मर्यादा , संस्कारों में रहकर पूरे कपड़ों में भी सिर्फ आंखों से ही चांद सी खूबसूरत...
बोलने में मर्यादा मत छोड़ना,
गालियाँ देना कायरों का काम है।
सरदार पटेल
आप सभी को ईद-उल-फितरकी बहुत बहुत मुबारकबाद
मोहब्बत मेरी आख़री शरारत थीफिर यूं हुआ के मैं बचपन से निकल आया….!
रिस्तो का आलम अब कुछ ऐसा है
हाल भी पूछते है तो चाल लगता है
तुलसी भरोसे राम के, निर्भय हो के सोए।
अनहोनी होनी नही, होनी हो सो होए।
तुलसीदास
हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जिससे चरित्र का निर्माण हो,
मन की शक्ति बढ़े,
बुद्धि का विकास हो
और मनुष्य अपने पैर पर खड़ा हो सके"
स्वामी विवेकानंद
तूफ़ान तेज था
अचानक से आया
हवायें मज़बूत थी
तोड़ना मुश्किल था
मुझे अंदाज़ा था कि
आए बिना मानेगा नहीं
रास्ते बंद करती तो
तोड़फोड़ करता
फिर दो दरवाज़ों को खोल दिया
एक आने का
एक जाने का
और थोड़ा...
कल को बेहतर बनाने का एकमात्र तरीका यह जानना है कि आपने आज क्या गलत किया।
मेहनत तो हर फिल्ड में करनी पड़ती है
बेकार पड़े रहने से लोहे में भी जंग लग जाती है