उसे पता ही नहीं इंतजार का मतलब
क्योंकि मैं उसके पास कभी देर से गयी ही नहीं
बल से तो दुसमन न जीते,
छल से दोगले जीते भी तो क्या जीते......
अपना खुन पसीना बहा कर
जो जमीन को हरी-भरी
उपजाऊ बनाता है
वो किसान ही तो है
जो हमें दो वक्त की रोटी देता है...
चांद के टेढ़े स्वरुप ने भी हमेशा प्रेमियों को सीधा प्रेम मार्ग दिखाया है।
राजेश गौरी
घमंड तेरा भी एक ना एक दिन ख़ाक हो जाएगा,
जिस दिन मिट्टी से बना ये शरीर राख हो जाएगा..!!
आज खुद को खुश रखना,इस दुनियां का सबसे बड़ा संघर्ष हैं…
ईश्वर का मौन, सुन पाना और
उन, इशारों पर चलते जाना ।
ले जाएगा यही, कामरानी तक
तेरा जज़्बा तेरा यूं साहस भर चलते जाना।
तू मेरा दुःख समझतीअगर तेरा भी इश्क में हारा हुआ एक भाई होता..
कभी खुदा से मिला तो जरूर पूछूंगा,ग़ुलाब' कितने लगे थे तुम्हें बनाने में...
शब्द पढ़ने वाले
लिखें जज़्बात नहीं पढ़ पाते..!!
पद बड़ा होने से विचार बड़े नहीं होते‚ लेकिन
विचार बड़े होने से पद जरूर बड़ा हो जाता है।
अमीर चतुर्वेदी
चांद नहीं, सूरज नहीं,एक छोटा सा ख्वाब मांगा था,इक उम्र नहीं, कुछ साल नही,दो पल का साथ मांगा था,कोई नाम नही, कोई लफ्ज़ नही,बस इक एहसास तो मांगा था।।
न हो सका तुमसे इतना भी,कुछ ज्यादा नहीं…बस बेकरारी में करार मांगा...
अब कोई मरहम काम नहीं करता उन ज़ख्मों पर, जो मुझे मेरी वफ़ा के बदले उससे इनाम में मिले थे..!!
आरंभ से प्रारंभ तक
प्रारंभ से अंत तक
अंत से अनंत तक सब शिव हैं
मे तेरे इश्क़ मैं ऐसे खो बैठा हूँ फेस
वास से सर और शैंपू से मुंह धो बैठा हूँ !!
व्यापार हो या व्यवहार उन्हीं लोगों से रखो ,
जिनकी जान से ज्यादा जुबान की कीमत हो ..!!
काश एक शायरी कभी,तुम्हारी कलम से ऐसी भी हो,जो मेरी हो मुझ पर हो और,बस मेरे लिए ही हो..!!
हम भी पेड़ की टहनी हुआ करते थे...छिले इतने गये के खंज़र बन गये...
शब्दों का भी तापमान होता है साहब ,
ये सुकून देते हैं तो जला भी सकते हैं।।