मितरों 20 मिनट तक सांस रोक कर रखो,
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आपकी 'महबूबा' आपके कदमों मे होगी !
वादों की जरूरत नहीं होती उन रिश्तो में,,
जहां पर भरोसा अपने आप से ज्यादा होता है।।
समंदर में ले जा कर फरेब मत करना,
तू कहे तो किनारे पे डूब जाऊं में।।
हमेशा सही के साथ खड़े रहो,भले ही अकेला क्यों ना रहना पड़े…
जाने क्या बिगाड़ा है इस बनाने वाले नेहम बनते बनाते अनजान बन जाते हैं !!
तीर्थंकर महावीर ने कहा-सोचो.शंका करो क्योकि सत्य केअनेक कोण होते हैप्रश्न करो.तब सत्य को पहचानोजरूरी नही कि वही शाश्वत सत्य है जो कभी किसी ने लिख दिया थामगर साथ ही हर बात में ‘शायद’ का ध्यान अवश्य रखना यही 'स्यादवाद...
अब रिश्ते भी नौकरी की तरह हो गए है,
बेहतर Offer मिलते ही लोग Change कर लेते है !
थोड़ी आँच बची रहने दो, थोड़ा धुआँ निकलने दो
कल देखोगी कई मुसाफ़िर इसी बहाने आएँगे
उनको क्या मालूम विरूपित इस सिकता पर क्या बीती
वे आये तो यहाँ शंख-सीपियाँ उठाने आएँगे
रह—रह आँखों में चुभती है पथ की निर्जन दोपहरी
आगे और बढ़ें तो...
हिचकी यादों की नागरिकता है।
वादों की तरह इश्क भी आधा रहा,मुलाकाते कम रही इंतजार ज्यादा रहा….!!
ए सुनो ना….मेरी सांसों को तुम्हारी सांसों की गहराई नापने दो आज…रात भर तुम्हें निहारना चाहता हूं…तो तुम मेरी बाहों में लिपट कर सो जाओ…मगर मुझे जागने दो आज
जो परवाज करे हो कर्बला की दास्तां सुनकर
वो घबराते नहीं जालिमों का लश्कर देखकर।
मैं उठता हूं कभी कलम रखता हूंइस तरह इश्क के जज्बातों पर सर रखता होगा खेल कोई इश्क तुम्हारे लिए यारोंमैं तो मरे जिस्मों में मोहब्बत की रूह रखता हूं
मन से जुड़कर तुझे तौलती हूं ,मैं हम से जुड़कर हमसे महकती हूं .. !!
लिया नहीं दरियाओं का एहसान क़भी,मैं कुआं खोद के पानी पीता आया हूँ।
इंसान की जिंदगी में अमीर होने से ज्यादाज़मीर का जिन्दा होना ज्यादा महत्वपूर्ण है..
काश मै कुछ लिख कर हटा देता ,
मैं लिखता जातिवाद और मिटा देता ...
रो भी नहीं सकते खुलकर, ये मर्द होना भी क्या मुसीबत है....
जो देख के हँसता था हम जैसे फ़क़ीरों कोशोहरत की बुलंदी से उतरा तो बहुत रोया-रईस अंसारी
चहेरा काला हो तो Powder लगाते है
ओर हरकते काली हो तो Password......!!
अजनबी