माँ तुम मेरी अनूठी एक प्रेम कहानी
अमूमन प्रेम कहानी में एक राजा एक रानी होते हैं
पर तुम्हारी मेरी तो बात ही अलग है
मेरे आँखों की मौन भाषा तुम पढ़ लेती हो
मेरे हृदय के स्पंदन में तुम बसती हो
मेरे सुख...
सुनो मेरे दोस्तों पैसा इतना कमाओ की,चार लोग तुम्हे अपना दामाद बनाना चाहे…
ख़ामोशी किसी की यूं ही बेहिसाब नहीं होती,
दर्द उनकी आवाज़ छीन लेते हैं
जिंदगी तब खूबसूरत लगती है
जब किसी के चेहरे पर मुस्कुराहट हो और वजह आप हो..!!❤️
जिंदगी एक दिन खत्म हो जाएगी,
बस इसी बात की खुशी है मुझे....
चढ़ते हैं चढ़ाइयाँ बनाकर सीढ़ियाँ जिन काँधों पर,
फतह होते ही मंज़िल लतियाकर गिरा देते हैं लोग.
जो चल गया वो घूम कर नहीं आता,शायद पहुंच जाता है,किसी दूसरे छोर…….मेरे लिए दुनियागोल नहींलम्बी है…….
सिर्फ मेरे लिए.🥀
जबरदस्ती की नजदीकी से,
सुकून की दूरियां अच्छी हैं....
न मैं शायर हूँ न मेरा कोई शायरी से वास्ता ,
बस एक आदत सी हो गई उसकी यादों को बयान करना ..!!
चराग़ों को आँखों में महफ़ूज़ रखना
बड़ी दूर तक रात ही रात होगी
व्यवहार बदल जाता है ,
जब काम निकल जाता है ...
गम नहीं तुझे पा नहीं सके….खुशी है इश्क हुआ…..तुझसे हुआ , और लाज़वाब हुआ..!!
अब किसी की तलब नही हमे...
अब हम अपनी ही तलाश में है....!!
एक नींद जो पूरी नहीं हुई..
एक ख्वाब मुझे सोने नहीं देता..!!
हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जिससे चरित्र का निर्माण हो,
मन की शक्ति बढ़े,
बुद्धि का विकास हो
और मनुष्य अपने पैर पर खड़ा हो सके"
स्वामी विवेकानंद
अंगड़ाई पर अंगड़ाई लेती है रात जुदाई की...
तुम क्या समझो तुम क्या जानो बात मिरी तन्हाई की...
कुछ लोग आपसे सीखकर,
आपको ही सिखाने लगते हैं....
इनको जेल भी भेजना चाहिए?
निलंबन तो छोटी बात है
जिसके पास विकल्प हो, वो आपका कभी नहीं हो सकता...
खुश क़िस्मत तो हूं लेकिन , खुशियां मेरा नसीब नहीं हैं ..!!