भगवान आपकी जिंदगी रंगो से भरें..
न की रंग बदलने वालों से...!!!
अंधेरे हो लाख़ घने पर अंधेरे अनंत नहीं,
गिर जाना मेरा अंत नहीं..!!
हर चीज़ महंगी होती जा रही है
सस्ता है तो बस इंसान और उसके जज़्बात.!!
चाहा यही की एक ही शक्स समझे मुझे,भीड़ से रहा हमेशा परहेज मुझे
सब चीज़ बिकाऊ है यहाँ ,इंसाफ से लेकर इंसान तक !!
बीते मीठे लम्हों का है जो आसराहसरतें खामोश ठहरा ज़ज्बातो का दायरातेरी भीनी आंखों में खो जाए मन मेरातुझसे ही जाने क्यूँ मेरा है ऐसा राब़्ताचादर की सिलवटें में है जो थोड़े फ़ासलेतेरे पास ना होने का करे हर पल...
सोचती हूँ मेहनत की कलम से.... ज़िंदगी की कहानी फिर से लिखूं...!!
दिन पे दिन बढ़ रही है तेरी बेरुखी ...
किसी और से दिल लगा तो न लिया !
मोहब्बत कमज़ोर दिलों का काम नहीं !!!
रूहें कांप जाती हैं जब यार जुदा होता है !!
इरादा है बदलने का तो कोशिश कर बदलने की
अगर सूरज नहीं है तो चराग़ों से उजाला कर
मिलेगी हार या फिर जीत का परचम उठाएगा
नतीजा जो रहे लेकिन नया सिक्का उछाला कर
राघवेंद्र द्विवेदी
क्यूँ न आए दुआओं 🤲 पर यकीन.गिरते गिरते सम्भल जो गया हूं मैं..!!
हर मैदान में तुम बेखौफ लड़ो,
मौत वक्त से पहले नहीं आने वाली...
कभी कभी बहुत ग़ुस्सा आता हैं ख़ुद पर ,मैं जैसे हूँ वैसे क्यों हूँ ?
कहां से लायी हो इतनी खूबसूरत आंखें…सारे जहां की खूबसूरती समेटे हुए..कौन कहता है कि छोटे कपड़ों में ही सुंदर दिखा जा सकता है.. मर्यादा , संस्कारों में रहकर पूरे कपड़ों में भी सिर्फ आंखों से ही चांद सी खूबसूरत...
एक नौकरी के चक्कर में
पूरे शौक ही खत्म हो गए !
सुन लेंगे एक दिन प्रभु तुम्हारी भी,
श्रद्धा से एक बार पुकारो तो सही..
हुक़ूमत से सिफारिश की तमन्ना हम नही ऱखते..!!!हमे मालूम है हमारी हिफाज़त कौन करता है??
आज शायद मुझे लगाले वो गलेईद का तो बहाना उसके पास है
दोस्त कठिन है यहाँ किसी को भी
अपनी पीड़ा समझाना
दर्द उठे तो, सूने पथ पर
पाँव बढ़ाना, चलते जाना
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना