दिल करता है करेले की सब्जी खिला दूंउन लोगों को जो मुंह में मिठास और दिल में जहर लिए घूमते हैं
एक तरफ दुनियाँ चांद पर भी जा रहीं है,
दूसरी तरफ जाति से बाहर विवाह नही होता !
व्यवहार में सुंदरता रखो लडकियों
चेहरे पर मरने वाले घर नहीं ले जाया करते….!!
भावों से ज्यादा शब्दों को अहमियत दी जा रही है संसार में,
जाहिर सी बात हैशब्द हृदय पर चोट करेंगे…!!
मेरी ज़िन्दगी में तेरा साथ कुछ इस तरह से हो,ताउम्र छेड़े तू अपनी अटखेलियों से और हया मेरे चेहरे पर हो..!!
महंगे होटल में भी भुख मिटती नहीं ,मां तेरी वो हाथों की रोटियां बिकती नहीं ..!!
राह के पत्थर से बढ़ कर कुछ नहीं हैं मंज़िलेंरास्ते आवाज देते हैं सफर जारी रखो !
यूँ भी हयात में है, जवानी की अहमियत
जैसे शदीद प्यास में पानी की अहमियत
रफ़्तार में रहें न रहें और बात है
लेकिन है ज़िंदगी में रवानी की अहमियत
लोगों ने सिर्फ़ सुन के, बजा दी हैं तालियाँ
किरदार को पता है कहानी...
किस किस से छुपाऊ तुम्हें मैंअब तो तुम मेरी मुस्कुराहट मेंभी नजर आने लगे हो।
कितना कठिन प्रश्न है यह "कैसी लगी लड़की…..?"कितना बड़ा कलेजा होगा लड़की के पिता का...
पन्नों के परे भी है एक ज़िंदगी
सभी किरदार किताबों में नहीं होते
कुछ लोग ज़िंदगी में भी मुर्दा होते
है और कुछ मरने के बाद भी जिंदा ...
ज़िन्दगी गुज़ारने के 2 तरीक़े है,
जो हो रहा है होने दो बरदाश्त करो,
या फिर ज़िम्मेदारी उठाओ उसे बदलने की..!
शाम ख़ामोश है पेड़ों पे उजाला कम है
लौट आए हैं सभी, एक परिंदा कम है
फ़हीम जोगापुरी
देखता हूं तुझे बड़ी गौर से ऐ इंसान
सुना है तू दिन भर में कई रंग बदलता है
हमारे द्वारा किया गया आचरण और व्यवहार, हमारी संतानों के संस्कारों की नींव रखते हैं.
जो कुछ भी हूॅं पर यार गुनहगार नहीं हूॅं, दहलीज़ हूॅं दरवाजा हूॅं पर दीवार नहीं हूॅं !!
कोई तुम पर आंख बंद करके भरोसा करता है,तो कभी उसे ये एहसास ना होने देना की वो अंधा है...
सजा जो भी चाहो ,आप मुकर्रर कर दो,
जब खता ही नहीं कई तो मुआफी कैसी।
किसी की निंदा करने से, यह पता चलता हैं की ,
आपका चरित्र कैसा हैं न कि उस व्यक्ति का आचरण ...