मैं तुम्हारे साथ हूॅं कहने में और रहने में बहुत फर्क होता है !!
पढ़ा जाये या कमाया जाये
ये दिमाग़ नहीं पेट तय करता है
जीवन में दुःख और आनंद दोनों आते रहते हैं, इन्हें स्वीकार करो और आगे बढ़ो
बदले बदले से सब हुज़ूर नज़र आते हैं
चुनाव तक कौन कौन वही रह जाते हैं।
चरित्र कि कसौटी पर स्त्री के जज़्बात निचोड़े जाते हैं,पवित्रता कि परीक्षा में हर बार उसके कपड़े उतारे जाते हैं,हर पीड़ा सहकर भी खामोश रहती है वो,उसके ज़ख़्म तो भर जाते हैं मगर निशां छोड़े जाते हैं..!!
भाई को डांटती हुई बहन से खूबसूरत दृश्य भला और क्या हो सकता है
कोई घूंघट कोई मुखौटा तो कोई नकाब में हैसच कहे तो यहां कांटे भी हर गुलाब में हैं
आज मेरी कॉल न उठाने वाले,कल को….ये आवाज़ नहीं होगी तो पछताओगे.
चलती फिरती हुई आँखों से अज़ाँ देखी हैमैंने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है
मैं तुम्हारी सादगी की क्या मिसाल दूँ ,इस सारे जहां में बेमिसाल हो तुम!!
दिलों के दरवाज़े नहीं होते,
बस सरहदें होती हैं।
आगाह अपनी मौत से कोई बशर नहीं
सामान सौ वर्ष का है पल की किसी को खबर नहीं!
नौकरी नौजवानों के
जीवन का वह श्रृंगार है,
जिसके बिना समाज
का कोई भी अंग उन्हें सम्मान
की दृष्टि से नहीं देखता है।
अगर मां-बाप तुम्हारी वजह से खुश हूं,तो अपनी जिंदगी के बादशाह हो तुम..!
जाने वाले ने सिखाया है,
आने वाले को औकात में रखना…!!
एक ही शख्स समझता था उसे,
और एक ही शख्स समझता था मुझे !!
फिर ये हुआ की वो भी समझदार हो गया,
और हम उसके सामने बच्चे ही रह गये !!
खुदा से कहां कुछ छिपा है कभी मोहतरमा,मैं तुमसे दूर हुआ इसमें भी रजा उसी की थी..!!
संभालना था
सम्पूर्ण सृष्टि को
एक धागे में,
ईश्वर ने गढ़ी स्त्री
और
यात्रा पर निकल गया!
रथ रावण के पास था
संसाधन रावण के पास थे
सेना रावण के पास थी
सोना रावण के पास था
भगवान राम के पास सत्य था
आशा थी. आस्था थी. प्रेम था.
परोपकार था. विनय था. धीरज था. साहस था.
सदैव नहीं रहती...