World's Best Cow Hospital English ज़िम्मेदारी क्या उठा ली मैंने , लोग मुझे मेरी उम्र से बड़ा समझ बैठे ... ज़िद है तो ज़िद ही सही, आत्म सम्मान से बड़ा कुछ भी नहीं.. ना देवरानी जेठानी कि कोई लड़ाई ना कोई गृह कलेश था, एक ही चूल्हे में बनता था खाना, ऐसा भारतीय परिवेश था..!! उदासियों के लिए तो एकांत ही चाहिएँ ख़ाली छतों पे चांद तारों का सिलसिला रखना..!! शौक़–ए–वफ़ा ना सही,खौफ–ए–खुदा तो रखो। शुक्रिया है जिंदगी यहाँ तक लाने के लिये, यहाँ से अब मैं अकेला ही चला जाऊंगा…!! दिल के मंदिरों में कहीं बंदगी नहीं करते, पत्थर की इमारतों में खुदा ढूंढ़ते हैं लोग । खुदा से कहां कुछ छिपा है कभी मोहतरमा,मैं तुमसे दूर हुआ इसमें भी रजा उसी की थी..!! मेरी आँखों में ये जो पानी है, तेरी आँखों की मेहरबानी है। औकात से बड़े दिखावे इंसान को, अक्सर कर्ज़ में डुबो देते हैं... वो इंसान दुनिया में सबसे धनवान है,जो कम से कम में भी संतुष्ट है,क्योंकि संतुष्टि ही प्रकृति की दौलत है ! ये मेरा इश्क औरों जैसा नहीं…अकेले रहेगें पर तेरे ही रहेगें…!! वजह तक पूछने का मौका ना मिला।बस दिन गुजरते गए और हम अजनबी होते गए।। उनसे कहो कि वो चाय के वक्त पर हमें बुला ले लेना. हमें ऐ रोज़-रोज़ का अच्छा नहीं लगता चाय बनाना... मालती "एक पल में मान लेते है कि क़िस्मत में लिखे फ़ैसले बदला नहीं करते, लेकिन आप फ़ैसले तो लीजिए क्या पता क़िस्मत ही बदल जाए!" ~आर्यभट्ट बादलों को गुरुर था कि वो उच्चाई पे है,जब बारिश हुई तो उसे ज़मीन की मिट्टी ही रास आयी। रखने की बस ये तीन ही चीज़ें हैं इन दिनों, हिम्मत रखो यक़ीन रखो और फ़ासला रखो। मोहब्बत कभी स्पेशल लोगों से नहीं होती जिनसे होती है वही स्पेशल बन जाते है पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने हैजाने न जाने गुल ही न जाने बाग़ तो सारा जाने है तारीफें दिन बनाती हैं, और ताने ज़िंदगी... Prev1…132133134…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.