हमने देखा है जो मर्दों की तरह रहते थे ,
वो मस्ख़रे बन गए दरबार में रहने के लिए
तुम मुझे इतना भूल जाना की तुम जी सको ,मैं तुम्हें इतना याद रखूगा की मैं जी सकूं...
टूटते पुल, धंसती सड़कें,टपकती छतें, बेपटरी ट्रेनें, बंद नाले, डूबते बेसमेंटझकझोर रहे हैं सबअब तो जागो कम से कमजनता हो तुम जागीर नहींकिसी रजवाड़े कीवोट जो देते रहोगेभ्रष्ट, निर्लज्ज, अक्षम प्रतिनिधियों कोधर्म और जाति के नाम परमरते रहोगे यूंही सब...
ढल चुका है सूरज चांदनी भी खो रही है,
मेरे साथ तेरी याद में, ये रात भी रो रही है..!!
विरक्ति
चराग-ए-इश्क कभी दिल से जलाया न करो , जलाओ तो जलाकर नफरत से बुझाया न करो, ............ गम ये नहीं के भूल गए तुम हमको... बात ये है के , इस कदर याद तुम आया न करो...!!
"CRUSH" तो दूर की बात है,
मुझ पर तो किसी को
तरस भी नहीं आता..,!!
की महोब्बत की हथेली पर जुनून का जाम रख दूंगा ,
अगर बेटी हुई मेरी तुम्हारा नाम रख दूंगा...
घमंड में मत रहिए, अर्श से फर्श तक
आने में, वक़्त भी नहीं लगता..!!
गुलामी के दावत से बेहतर हैं,
आज़ादी की सुखी रोटी...
सुकून दिल को चाहिए,आफ़त दिमाग़ ने मचा रखी है...
हर बार न जाने क्यों अगर मगर में उलझ जाते हैं
जो कहना होता है उनसे वो कह नही पाते हैं
बेनूर हूँ, बेसब्ज हूँ, मशरूफ़ खुद में हूँ
क़ाबिल नहीं मैं, मेरी अक़ीदत न कीजिये
जो आपको सिर्फ़ बहाने दे..
ऐसे शख़्स को जाने दें..!!
प्रशंसा अगर हो रही हो तो प्रसन्न नहीं,
सावधान रहने की ज़रूरत है ।
नसीब में कुछ रिश्ते अधूरे ही लिखे होते हैं..
लेकिन उनकी यादें बहुत खूबसूरत होती हैं..!!
खुद लड़नी पड़ती है जिंदगी की लडाई.. लोग साथ कम और ज्ञान ज्यादा देते है..!!
मुझे खेद है कि मैं प्यार में बुरा हूँ
लेकिन मैंने तुम्हें अपनी सारी खामियों के साथ प्यार किया।
घर का बटवारा मंजूर मुझे दिलों का #बंटवारा कभी ना हो...!!धन दौलत सब बाट लो लेकिन रिश्तो में इंसानियत की कमी ना हो..!!दूरी हो चाहे कितनी लेकिन दिल की दूरी ना कभी ना हो..!!दुख दर्द देख कर दूजे का ऐसा...
पहले निचोड़ लेते हैं जिस्म अपनी आंखों से, फिर दुपट्टा संभालने कि हिदायत देते हैं..!!