जो परवाज करे हो कर्बला की दास्तां सुनकर
वो घबराते नहीं जालिमों का लश्कर देखकर।
मुझसे नफ़रत करनी है तो होंश से करना , ज़रा भी चुके तो मोहब्बत हो जाएगी ..!!
सुकून चाहतें हो तो, कुछ बातें, कुछ यादें,कुछ सवाल, कुछ ख्याल दिल से आजाद कर दो...
भला उनका भी बहुत कर रखा है,जिंनकी नजरों में आज हम गलत है।
भारत में सिर्फ दो 2% लोग धूप से जलते हैं,
बाकी सब तो एक दूसरे से जलते हैं...
तारो को गिनने की चाहत में चाँद खो देते है लोग,
बेटे पाने की चाहत में बेटियों को खो देते है लोग !
मुझको मजबूर न कीजिएगा अदाकारी पर ,
मैं जो किरदार में उतरा तो क़यामत होगी ..!!
जैसे जल द्वारा अग्नि को शांत किया जाता है वैसे ही ज्ञान के द्वारा मन को शांत रखना चाहिए।
~ वेदव्यास
सुनो मेरे दोस्तों पैसा इतना कमाओ की,चार लोग तुम्हे अपना दामाद बनाना चाहे…
जिंदगी में आप जितनी बार प्रयास करेंगे..
उतनी ही बार आप कुछ नया प्राप्त करेगे..!!
आदत अकेलेपन की जो पहले अज़ाब थी ,
अब लुत्फ बन गई है अज़ीयत नहीं रही ।।
मेरे घर की दीवारें बवाल कर रही हैं ,
मैं क्यूं अकेला हूं सवाल कर रही हैं...
मरना यहाँ
बहुत है आसान
ज़िन्दगी जीना है
हिम्मत का काम
हथियार रख
मैदान छोड़ना है आसान
संघर्ष पथ पर चलना है
हिम्मत का काम
रोते रोते बिखरना और
टूट जाना है आसान
मुस्कुराते हुये गिरना और संभलना है
हिम्मत का काम
मरना यहाँ
बहुत है...
ख़ुशियों के झोंके सा है वो
जिसे भी छूकर गुजर जाता हैज़हन में उसके मुस्कुराहटें भर जाता है
चार दिन बाज के ना उड़ने से
आसमान कबूतरों का नहीं होता.!!
निन्दा का सत्य भी झूठ लगता है, जबकि प्रशंसा का झूठ सत्य सा मालूम होता है।
ओशो
अभी गनीमत है सब्र मेरा,
अभी लबालब भरा नही हूँ
वो मुझको मुर्दा समझ रहा है,
उसे कहो...... मैं मरा नही हूँ!
ना राधा बनना है, ना मीरा बनना है,,मुझे ज़िंदगी की राहों में,,बस तुम्हारे साथ चलना है,,
~कीर्ति चन्द्रा
ये जो हालात हैं ये सब तो सुधर जाएँगे,
पर कई लोग निगाहों से उतर जाएँगे…
मेरे गाँव का मौसम बसंत हो गया है,यानी, तुम शहर से गाँव आई हो।