World's Best Cow Hospital

ये कलयुग है साहब यहाँ क़सम खाने वाले नहीं,दारू पीने वाले सच बोलते है !!

कभी गोधूलि बेला मेंघंटा ध्वनि से तुम आ जाओ….🌿

जिनके पास लक्ष्य नहीं होता, उनका मन उन्हें फालतू कामों और तनाव में उलझा कर रखता है।

वहम में पले रिश्ते अपने आप भी खत्म हो जाते हैंहर बार कसूर किसी गलतियों का मोहताज नहीं होता..

कभी बच्चों सी झलकती हैं नादानियां मुझमें, कभी इतना संभालता हूं की उम्र कांप जाती है..

बातों की उम्र घट सी गई है,, कभी तुम नहीं मिलते,, कभी मैं खो जाती हूं,,

हमने देखा है जो मर्दों की तरह रहते थे , वो मस्ख़रे बन गए दरबार में रहने के लिए

पहले कैशलेस इंडिया फिर जॉबलेस इंडियाअब आपके सामने पेश है ब्रेनलेस इंडिया

दिल में खंजर रखकर मुंह से शहद उगलने वालों से ग्रस्त हूं, समझ चुका स्वार्थी किरदार सबके इसलिए अब उन्मुक्त हूं..!!

जिंदगी की किताब में….सुकून के पन्ने गायब है!!!

वो मस्जिद गया मन्दिर भी गया और गया समुद्र के बीच….. लेकिन रहा फिर भी नीच का नीच

इतना भी मत वफ़ादार बनिए कि लोग पालतू समझ बैठें।

अब कोई मरहम काम नहीं करता उन ज़ख्मों पर, जो मुझे मेरी वफ़ा के बदले उससे इनाम में मिले थे..!!

पीने का अंत बर्बादी ही है, चढ़ गई तो आदमी बर्बाद, और न चढ़ी तो पैसे।

स्त्री और मिस्त्री से, टकराने का मतलब घर का नक्शा बिगाड़ना।

जिसके भी भाव बढ़े उसे त्याग दो, चाहे "बाबु" हो या "टमाटर.🍅

खैर अच्छा तो कुछ नहीं, पर जो है सही है..

अपने अहंकार में चूर होकर, जो सबका बाप हो जाता है, उस तुच्छ के लिये अमरत्व का वरदान भी श्राप हो जाता है..!!

सालों बाद उन पर नज़र पड़ी, उन पर ही ठहरी रह गयीं ... ~ दीपक चौधरी

कभी खुदा से मिला तो जरूर पूछूंगा,ग़ुलाब' कितने लगे थे तुम्हें बनाने में...


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