शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हमआँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
और आखरी में, वादों का महल ढह गया,दिल के हिस्से में सिर्फ़ तड़पना रह गया !!
गालों पर उंगलियों की छाप
पीठ पर लात जूतों की बरसात
होंठों पर दाँतों के निशान
मुख की कोरों से बहता रक्त
कानों में गूँजती
रिश्तों को शर्मशार करती
हुईं गालियाँ
'उन दिनों'.
उसकी टाँगों के नीचे
आने से मैंने मना क्या कर दिया
बस..
उसने एक चुटकी...
तुम जहां रहो खुश रहना बेटा मैं अपना काम चला लूंगा…
कोई पूछेगा तो व्यस्त है बच्चा कह के इज्जत बचा लूंगा…
हाथ पांव चलते रहेंगे तो बस कुछ साल और निभा लूंगा…
पैसा जरूरी है भविष्य के लिए मैं सब को यह...
मैं टूट कर रोने वालों में से नहीं हूंँ,,
जो मुझसे खफा हो वो शौक से दफा हो..!!
हमने जिनके लिए दुआ मांगी,वो गैरों की दुआओं के तलबगार निकले,
जिनकी ख़ातिर इक वक्त में खुदा थे हम,अब हम उनकी ही नज़रों में गुनहगार निकले
जिन्होंने कभी लाख अच्छाइयां गिनाई थीं मुझमे,अब हम उनकी खातिर महज़ बेकार निकले…!!
उन हाथों को कभी मत भूलना..
जिन्होंने तुम्हे बड़ा किया है..!!
जा बिछड़ जा मगर ये ख़्याल रहेयूं ना हो कि उम्र भर मलाल रहे
किसी जगह पर पहुँचने के लिए,
किसी जगह से निकलना भी पड़ता हैं...
हमें भी इश्क़ के मारों पे रहम आता है ,
ये बोझ वो है जिसे हमनें भी उठाया है ।।
साधारण दिखने वाले लोग ही
दुनिया के सबसे अच्छे लोग होते हैं।
अब्राहम लिंकन
लोग इंतजार में थे मुझे टूटा हुआ देखने को,
एक मैं था जो सहते सहते पत्थर का हो गया।
तेरी एक चाय ने खरीद लिया हमें,बड़ा गुरूर था हमे की हम बिकते नहीं...
इंसानों का सताया हुआ हूँ साहबसो इंसानों पर रहम नहीं करूंगा
कुछ गलत पतों ने हमें आजीवन यात्री बना दिया!
पीठ से निकले खंजरों को जब गिना मैने..।ठीक उतने ही निकले जितनों को गले लगाया था मैने..!!
यदि आप उड़ना चाहते हैं, तो वह सब कुछ छोड़ दें जो आपको नीचे खींचता है।"
बुद्ध
हो सके तो समझाना मुझे,
वर्ना गलत समझ कर भूल जाना..
मां हमारी पहली गुरू जो दुनिया का सारा तजुर्बा दिया है
इसलिए मां का स्थान ईश्वर से भी ऊंचा माना जाता है...
शुरुवात तो सभी अच्छी करते हैं,
मसला तो सारा आखिर तक,
अच्छे बने रहने का हैं..!!