एक बार ही बहकती है ये नज़रेकिसी को देख कर….ये इश्क है साहेब सौ बार नहीं होता …
आप का धैर्य आप की सबसे बड़ी शक्ति है,आज़मा कर देखो.
बच्चो बाली हरकत करने बाली लड़कियां,
किस्मत बालों को मिलती है…||
भावों से ज्यादा शब्दों को अहमियत दी जा रही है संसार में,
जाहिर सी बात हैशब्द हृदय पर चोट करेंगे…!!
जंगल में जानवर मांस नोचकर खाते हैं,
जबकि
इंसानी बस्तियों के दो पैरों वाले भेड़िये,
देह के साथ आत्मा भी नोचकर खा जाते हैं ।
राजेश गौरी
सुना है Google परसबकुछ मिल जाता हैअगर सकून मिले तोLocation भेजना मुझे…
मैं खुद अकेला रह गया,
सबका साथ देते देते..
देखो, वो आ गया।
ब्रह्मा से कुछ लिखा भाग्य में मनुज नहीं लाया है,
अपना सुख उसने अपने भुजबल से ही पाया है।"
रामधारी सिंह 'दिनकर'
सियासत संभल कर रहे…
जिस दिन जनता एकजुट हो गई..
समूची राजनीति का बोरिया बिस्तर बंध जायेगा !
बड़े दाग हैं,इस सफेद लिबास में भी,कभी पोशाक को क़फ़न सेमिला कर तो देखिए !
राह के पत्थर से बढ़ कर कुछ नहीं हैं मंज़िलेंरास्ते आवाज देते हैं सफर जारी रखो !
ये मत समझ की तेरे काबिल नहीं हम, तड़प रहे हैं वो जिसे हासिल नहीं हम...!
मेरे ज़ख्मों को उसने तब और ताजा कर दिया,जब उसने मेरे दोस्त से निकाह का वादा कर दिया..!!
मैं तुम्हारी सादगी की क्या मिसाल दूँ ,इस सारे जहां में बेमिसाल हो तुम!!
इबादत रब की और सूरत यार की हो,
सजदा रब का और रसम प्यार की हो,
आशिको के मजहब का क्या कहना,
जिक्र रब का और बात यार की हो...
दिल के मंदिरों में कहीं बंदगी नहीं करते,
पत्थर की इमारतों में खुदा ढूंढ़ते हैं लोग ।
हम खाली किताब थेलोग आते गए सबक छपता गया
ना कश्ती मेरी है, ना माँझी मेरा हैडूबने का डर नहीं ये दरिया मेरा है।
~सौरभ
हर लम्हा लंबा और भारी है,
तुम्हें भुलाने की जंग जारी है...
वो जो साँसों में बसे रहते हैं,
उन्हीं से मिलती चोट भारी है...
गुनाह और ज़ख़्म छिपते नहीं,
कोशिशें शिद्दत से जारी है...
हर एक तंज़ का जवाब है,
कुछ तो हमनें...