World's Best Cow Hospital English बिछी थीं हर तरफ़ आँखें ही आँखें कोई आँसू गिरा था याद होगा जिस हिसाब से जिंदगी चल री है ना उस हिसाब से मुझे hugs की नहीं drug की जरूरत है जब खोने को कुछ ना हो, तब पाने को बहुत कुछ होता है.... तुम्हारी आँखों ने बसाएं रखा है शहर कोई,कोई तन्हा हो सकता है, कानपुर से खफ़ा नहीं, अहंकार की...सबसे बड़ी खराबी यही है कि...यह कभी भी इन्सान को..महसूस नहीं होने देता कि... वह गलत है... चल जी कर दिखाते हैं…..दिखा कर जीने में क्या मज़ा …..!!! जब डूब रही थी कश्ती और दूर था किनारा, तब भी भरोसा सिर्फ खुद पर था हमारा.... अगर मुझमें कोई हुनर होता तो, मैं तुम्हें अपना कायल बना लेता, और जहान जीत लेता उस रोज, जब मैं तेरे पांवों में पायल पहना लेता..!! “मनुष्य दूसरों की दृष्टि में कभी पूर्ण नहीं हो सकता, पर उसे अपनी आँखों से तो नहीं ही गिरना चाहिए.! ” जयशंकर प्रसाद तमाम शहर की हमदर्दी का क्या करता मुझे , किसी की ज़रूरत थी हर किसी की नहीं !! शराब ने कई घर बर्बाद किए हैं मगर चाय ने देश बर्बाद कर दिया... भरे बाजार से अक्सर मैं खाली हाथ आया हूँ , कभी ख्वाहिश नहीं होती कभी पैसे नहीं होते ।। आते नहीं हैं लोग असल किरदार में कभी, यहाँ एक से बढ़कर एक अदाकार हैं सभी ज़िन्दगी गुज़ारने के 2 तरीक़े है, जो हो रहा है होने दो बरदाश्त करो, या फिर ज़िम्मेदारी उठाओ उसे बदलने की..! हर किसी से बिखर जाऊँ।। इतनी हल्की हमारी हस्ती नहीं।। कर्म बदलिए, भाग्य अपने आप बदल जाएगा… हर बात पर शुक्र करना ये भी अल्लाह पाक की नेमत है, कयोंकि अल्लाह पाक शुक्र करने की तौफीक उन्हीं को देता है, जिससे वो राजी होता है ईश्वर को आखिरी उम्मीद नहीं, पहला भरोसा बनाइए... मेरे पास से जो गुजरा, मेरा हाल तक ना पूछा मैं कैसे मान जाऊँ कि वो दूर जाके रोया परवीन शाकिर खुद में ढूंढता हूं दुनिया भर की खुशी , दुनिया में ढूंढना महंगा सौदा होगा यही..!! Prev1…120121122…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.