तिनका सी मैं औरसंमुदर सा इश्क़,डूबने का डर औरडूबना हैं इश्क़ ,,,
हर ख्वाहिश,
हर ख्वाब,
हर अरमान,,
पूरे कहाँ होते हैं ??
जो हमारे लिए ज़रूरी हैं....
हम उनके लिए ज़रूरी कहाँ होते है ??..
गिरते हुए मैने जब भी तेरा नाम लिया है
गिरने ना दिया तुने मुझे थाम लिया है।।
गिरवी होते तो ख़रीद लेते,
अब गिरे हुए लोगों की कीमत कौन लगाता है....
मेरा संघर्ष एक दिन मुस्कुरायेगा, पाँव से काँटा ख़ुद ही निकल जायेगा
जमीं से जुड़े लफ़्ज़ों में वोसमुंदर से गहरे सार लिखती है…
दिल में कैद लिए ख़ामोशीकलम से शोर बेशुमार लिखती है…
भूल चुके जिसे अपने सारेउन लम्हों को यादगार लिखती है…
तपती रेत को एक बंजारनभरे सावन सी बहार लिखती है…
जिंदा इंसान को गिराने मे औरमरे हुए इंसान को उठाने मे,ग़ज़ब की एकता दिखाते हैं लोग…
बात करने से ही बात बनती है...
बात ना करने से, बातें बन जाती है...!
नमाज में दुआऔर मोहब्बत में निकाह बहुत जरूरी है !
मेरे लिए दुनिया की सबसे खूबसूरत जगह तुम्हारी बाहों में हैं...
संभलना था हमें,, साथ फिसलते चले गए,, ना चाहा फिर भी,, उसकी चाहत में संवरते चले गए,, अंज़ाम मालूम था,, फिर भी आगे बढ़ते चले गए,, तिनका तिनका जोड़ा था ख़ुद को,, दूरियों में बिखरते चले गए,, अब तकलीफ़ ये...
समय जब विपरीत हो, तो शांत रहना ही सही होता है...
सब्र कोई कमजोरी नही होती है,ये वो ताकत होती है जो सब में नहीं होती !
साल भर पहले, पहला ‘मकान’ लिया
तुम्हारे साथ ने उसे ‘घर’ किया
जीतता वह हैजिसमें शौर्य, धैर्य, साहस, सत्व और धर्म होता है।
~ हजारी प्रसाद द्विवेद
अगर जो चाहा है वो नही मिला..तो एक बार जो मिला है उसे चाह कर देखो..!!
वो मुझे भीख की तरह दे रहा था इश्क अपना,मैने भी अमीरों की तरह लेने से मना कर दिया
जरा भी असर नहीं होता मुझ पर इन सांपों के ज़हर का,
मैंने अपनी जवानी में एक मशहूर नागिन को मुंह लगाया था !
अगर किरदार ऊंचा करना है तो अपना हुनर दिखाओ अपनी औकात नहीं..!!
एक हल्की सी मुसकुराहट से शुरू हुई मोहब्बत, हज़ार आसूं बहाने से भी खत्म नहीं होती...