पद और पैसे से कितने भी अपराध छुपा लो साहब,
किसी गरीब की बद्दुआ तुम्हे सुकून से जीने नहीं देगी...
असल में साथ था ही नहीं कोईबेकार में गुमान होता था अपनों पर !
अपने संघर्ष को अपना जुनून बना लो..
जब तक वो तुम्हारी कहानी ना लिख दे..!!
कितने शिकवे हैं ज़िंदगी के साथ, फिर भी मरने को दिल किसी का नहीं करता !
कुछ ग़म और कई उलझनें है
जो दौर है जिम्मेदारियों का तो ख्वाहिशों से भी रंजिशें है.
ज़ुबान और दिमाग़ तेज चलाने से ,रिश्तों की रफ़्तार धीमी पड़ जाती है …
मां बाप की अहमियत उन औलाद से पूछो ,
जो मिलने के लिए कब्रिस्तान जाया करते हैं।।
मेरा मोहब्बत मेरा तजुर्बा हैअमीर होना और हसीन होनादोनो ही लाजिम है ,वरना आपकी मोहब्बतआपके मुंह पे मार दी जाएगी
एक ऐसा दोस्त है मेरे पास,जब दुनिया ने साथ छोड़ दिया था वो मेरे साथ था !!
बाते बंद होने के बाद तुम्हे जब भी देखा,
तो सिर्फ ऑनलाइन ही देखा…!!
शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना बेहतर है ,
अपने ही मौज का फकीर बने रहना ...
खाने और सोने का नाम जीवन नहीं है।
जीवन नाम है सदैव आगे बढ़ते रहने की लगन का।
मुंशी प्रेमचंद
तूफ़ानों से आँख मिलाओ, सैलाबों पे वार करोमल्लाहों का चक्कर छोड़ो,तैर के दरिया पार करोफूलों की दुकानें खोलो,ख़ुशबू का व्यापार करोइश्क़ ख़ता है तो ये ख़ताएक बार नहीं सौ बार करो।
ज़िन्दगी भर मेरे जीते जी तुमने मेरा मातम मनाया,
आख़िरी तमन्ना है मेरी मौत पर तुम उत्सव मनाना…!!
सोच रहा हूँ बंद करदु ये शाएरी का सफर
बस तेरी लाल लिपिस्टिक पर पूरी ग़ज़ल लिखदूँ...
डूबी है मेरी उंगलियां मेरे ही खून मैं,ये काँच के टुकड़ो पर भरोसे की सजा है !!
प्यार हो या परिंदा, दोनों को आज़ाद छोड़ दो... अगर लौट आया तो तुम्हारा और अगर न लौटा तो वह तुम्हारा था ही नहीं कभी...
तेरी आँखें नीले आसमान को लज्जित कर देती हैं,
तेरा मुस्काना फूलों को भी फीका कर देता है।
तेरे बालों की लहरों में, समंदर भी खो जाएगा,
तेरी आवाज़ से बुलबुल की चहचहाहट फीकी पड़ जाएगी।
तू है अपनी खूबसूरती में बेमिसाल।
तुझमें सारी सुंदरता...
होंगे तुम्हारे शहर में तुम्हारी खूबसूरती के चर्चे ,
हमारे गांव में तो हमारी सादगी मशहूर है...