World's Best Cow Hospital English कर्म से डरिये…..ईश्वर से नहीं…..ईश्वर माफ़ कर देता है…..कर्म नहीं ….. !!! बिन तुम्हारे कभी नहीं आईक्या मिरी नींद भी तुम्हारी है ~ जौन एलिया बादलों को गुरुर था कि वो उच्चाई पे है,जब बारिश हुई तो उसे ज़मीन की मिट्टी ही रास आयी। कुछ लोग ज़िंदगी में भी मुर्दा होते है और कुछ मरने के बाद भी जिंदा ... आज नही तो कल किया है... स्त्री ने मर्द के साथ हमेशा छल किया है... पहले डर लगता था कि लोग क्या कहेंगे अब डर लगता है कि कहीं मैं ही ना उन्हें सुना दूं.. ज़िंदगी बेहतर बनाने में ज़िंदगी को ही वक्त नहीं दे रहे है। कल की परेशानी के चलते आज को जी नहीं पा रहे है I हमें हारना मंजूर है,लेकिन धोखा देकर जीतना मंजूर नहीं है ! सुंदरता का मोह त्याग चूके है हम , जिसे पसंद आना था आ चूके है हम... ऐसे माहौल में दवा क्या है दुआ क्या है , जहाँ कातिल ही खुद पूछे कि हुआ क्या है ..!! ये कैसा भार हैं जब मैं मुझमें ही रिक्त हूं..!! पुरूष होने की पहली शर्त है, स्त्री का सम्मान करना.... योजना के बिना लक्ष्य सिर्फ इच्छा है लहरों का शोर नहीं, सागर का 'शान्त' सुनो जीवन में कुछ बड़ा करना है, तो एकान्त चुनो प्रह्लाद पाठक हर एक हर्फ का अन्दाज बदल रक्खा हैआज से हमने तेरा नाम ग़ज़ल रक्खा हैमैंने शाहों की मोहब्बत का भरम तोड़ दियामेरे कमरे में भी एक ताजमहल रक्खा है। इंसां तिरे वुजूद का मक़सद ही इश्क़ था, तू नफ़रतों की राह में कैसे भटक गया ? आप वो नहीं होते जो आप बतातें हैं आप वो होते हैं जो आप छुपाते हैं एक ही समझने वाला था मुझे , हाय !अब वो भी समझदार हो गया ।। इश्क भी क्या अजीब बीमारी है,जिंदगी हमारी है पर तलब तुम्हारी है !! जिन्हें आप पसन्द करते हैं, उनका बूँद भर भी आपको सागर नज़र आता है ; जो आपको पसन्द करते हैं, उनका सागर भी आपको बूँद बराबर लगता है। Prev1…113114115…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.