तहज़ीब, अदब और सलीका भी तो कुछ है,
झुका हुआ हर शख़्स बेचारा नहीं होता….
व्यवहार में सुंदरता रखिए,
हर कोई चेहरे पर नहीं मरता
सच्चाई हमेशा थोड़ी,
निराशाजनक होती हैं।
कुछ लोगों की सोच चाय ने डूबे बिस्किट,
की तरह होती है कब गिर जाए पता नहीं चलता....
गिर कर उठना आसान है
कोशिश कर के तो देखो तुम
बिखर गया है जो कुछ भी
एक बार तो उसको समेटो तुम
स्त्री की गोद और पुरुष की जेब,
अगर खाली रह जाए तो दुनियां जीने नही देती..!!
मोमबत्ती को आखिर में ही पता चलता है कि
उसे उस धागे ने ही खत्म किया,
जिसको वो सीने में छुपाए रखती थी...
रातों को जागो, दिनों को निचोड़ो
सपने होंगे पूरे, देखना न छोड़ो
खुद को खो दिया मेने,
एक तुझे पाने के लिये।
सांवला रंग, मीठी जुबां, थोड़ी सी नशीली हो अच्छा सुनो.... तुम और तुम्हारी चाय दोनों एक जैसी हो.....!!
दिल में वो भीड़ है कि ज़रा भी नहीं जगह
आप आइए मगर कोई अरमाँ निकाल के ...
एकांत स्वयं को जानने का एक जरिया है।
फ्रैंज काफ्का
वेशक प्यार तुमने किया था हमने तो सिर्फ़ परवाह की थीवेशक मोहब्बत तुमने की थी हमने तो सिर्फ़ मन्नत की थीवेशक इश्क तुमने किया था हमने तो सिर्फ़ इबादत की थीवेशक ख्वाब तुमने दिखाया था हमने तो सिर्फ़ कोशिश की...
मैंने झूठ के बहाने नहीं बनाए,
इसलिए भी हम बहुत ज़्यादा उसको नहीं भाए,
मेरा सच ही मेरी ज़िंदगी है,
जिसको निभाना है निभाए,
जिसको नहीं निभाना ना निभाए.
जिंदगी की परीक्षा भी कितनी वफादार है,
उसका पेपर भी कभी लीक नहीं होता।
हर स्त्री कुछ हद तक शिव के जैसी होती है,
क़तरा-क़तरा विष जीवनभर पिया करती है…
होंगे दक्षिण, होंगे वामजनता को रोटी से काम
बहुत महंगे होते है सावले लोग,यहां हर किसी की पसन्द नहीं बनते !
दुनिया की सबसे खतरनाक नदी हैं,भावना जिसमें सारे बह जाते हैं…
कमियाँ हैं तो रहने दो साहब
खुद को खुदा थोड़ी बनाना है..