World's Best Cow Hospital English कुछ चीज़ों को अधूरा ही छोड़ना पड़ता है हर बार परिस्थिति अनुकूल नहीं होती! सौभाग्य न सब दिन सोता है, देखें, आगे क्या होता है? रामधारी सिंह दिनकर माना कि दौर नहीं है सादगी का पर क्या करूँ नहीं आता दिखावा करना नरम दिल से पत्थर दिल होने के सफर को इश्क कहते है नींदें वापस कर दी हमने,,सुकून भरी रातों को। किताबों के संग ' हर रात बितानी थी, आँखों को।। सेजल कामयाब होना है तो Looks पे नहीं, Books पे ध्यान देना शुरू कर दो...!! आजकल वो कुछ कहते नहीं है मशरूफियत है या नाराज़गी…? टूटे ख़्वाब टूटी उम्मीदें अक्सर दर्द बड़ा देतीं हैं ज़ख्म नज़र नहीं आता मगर दिल चीर के रख देतीं हैं उसको अपना समझने का क्या फ़ायदा, जिसके अंदर आपके लिए अपनापन ही ना हो। जिस शहर से कुंवारों को, मयस्सर न हो दुल्हन... लाज़िम है कि उस शहर के मैरिज हाल गिरा दो.! किसको सुनाऊं मैं अपनी दर्द भरी दस्ताकोई मुह बना लेती है,तो कोई भाई जिंदगी की यही रीत है,पीठ पीछे सब कमीने,सामने सब Sweet हैं ! मेरी ख़्वाहिश है कि मैं फिर से फ़रिश्ता हो जाऊँमाँ से इस तरह लिपट जाऊँ कि बच्चा हो जाऊँ तेरी अदाओं को और निखारती तेरी जुल्फें वार कर गयीं, तेरा श्रंगार करती बरसात कि बूंदें, मेरी जां निसार कर गयीं..!! विरक्ति कुछ मजबूरियों के हाथों बेबस हो गया हूं वरना मैं भी था लोगों के बहुत काम का मोहब्बत कोई नौकरी नहीं जो फ़र्ज़ की तरह निभाई जाए,इबादत हैं, मंदिर के बाहर भी निभती रहती हैं ! यादें ही तो जिंदगी का असली खजाना है. बाकी तो सबको खाली हाथ ही जाना हैं..!! तेरे ख्यालने किसी काहोने ना दिया ,,,,, और खुशी इसबात की है कितूने खुश कभीरहने ना दिया ,,,,,, क्या मनाउ होली.. कैसे मनाउ जश्न... जब फिलिस्तीन के.. बच्चो के जिस्म पर है.. खुन निकलता जख्म अब शहर भर जाते हैं, और लाइफ खाली हो जाती है। अनघ शर्मा Prev1…113114115…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.