ज़िंदगी शायद इसी का नाम है..दूरियाँ मजबूरियाँ तन्हाइयाँ….!!
मैं बिल्कुल शीशे जैसा हु
जो जितना मेरा है मैं उसका उतना हु.
जब दिल में गंदगी हो तो
चमकता चेहरा किसी काम का नहीं....!!
इतना भी बुरा मत समझो हमें हमें दर्द सहने की आदत है दर्द देने की नहीं ..
'आज का प्रत्येक संवेदनशील व्यक्ति प्रेम का भूखा है।'
~ मुक्तिबोध
मंज़िल पहुंचने के बाद पता चला की.."मंज़िल से अच्छा तो सफर होता है"…!!
आकर वतन से दूर तरक्की की छाव मेंपरदेश हम ने बाँध लिए अपने पाँव मेंरह कर अज़ीम शहरो में परवेज़ आज भीदिल का कयाम है उसी छोटे से गाँव में
ठाकुर का कुँवा,
ठाकुर का खेत
ठाकुर की हवेली
अब नहीं चलेगा....
हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते है,मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिन्दुस्तान कहते हैं,
जो ये दीवार का सुराख है साज़िश है लोगों की,मगर हम इसको अपने घर का रोशनदान कहते हैं !
किसी के दुख पे अगर हम मलाल करते हैं ,
अजीब लोग हैं उल्टा सवाल करते हैं ।
🦋 देवदास 🦋
मत कर यकीन यहां पर, पल भर की मुलाकात पर, जरूरत ना हो तो लोग सालों के रिश्ते भूल जाते हैं!!
कुछ लोगों की सोच चाय ने डूबे बिस्किट,
की तरह होती है कब गिर जाए पता नहीं चलता....
चल ज़िन्दगी नई शुरुआत करते हैं, जो उम्मीद औरों से की थी वो अब खुद से करते हैं !!
रिश्तों को निभाने में
भावनाएं होनी चाहिए, विवशता नहीं..
जिस स्त्री को पूजते रहे कभी दुर्गा कभी काली में,
आज उसकी अस्मत सरेआम नीलाम की है पांचाली में..!!
रिश्ते भी इमारत की तरह होते हैं ,
हल्की-फुल्की दरारें नज़र आए तो इमारत तोड़िये नहीं
मरम्मत कीजिए !
सदा दिवाली सन्त की ,बारह मास बसंत।
प्रेम रंग जिन पर चडे ,उनके रंग अनंत ।।
सुध बुध खो कर
सौंप दिया तुझको
मुझमें जो भी था मेरा
चाहे तो रख लो सहेज कर
चाहे तो छोड़ दो तजकर
अपनी आत्ममुग्धता से दिमाग पर लगातार प्रहार करते हैं..!!
बच्चा अगर आत्महत्या करे, तो मां-बाप ज़िम्मेदार रहते हैं..!!