प्रेम सिर्फ अपने अच्छे कर्मों और ईश्वर से करो... ईश्वर सदैव आपका समिप होते हैं....!!
फर्क बहुत है तेरी मेरी समझ में,..तूने जज़्बातों से सीखा है और मैने हालातों से..!!
दुनिया के साथ समस्या ये है कि बुद्धिमान लोग संदेह से भरे हैं जबकि मूर्ख आत्मविश्वास से!
अपनी हक़ीक़त से वाकिफ हूं मैं
मुझे किसी और के नजरिए से फ़र्क नहीं पड़ता!
नीरज से बढ़ के और धनी कौन है यहाँउस के हृदय में पीर है सारे जहान की
तुम्हारा हर कहा सुना मैने…मेरा हर कहा तुम अनसुना कर गए…!!
पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुवा, पंडित भया न कोइ।
ढाई आखर प्रेम का, पढ़ै सो पंडित होइ॥
कबीर दास
तुम तो सूरज से आंख मिलाते नहीं थकते
थोड़ा और ऊपर उठो आसमान बहुत हैं
कुछ होगाकुछ होगा अगर मैं बोलूँगान टूटे न टूटे तिलिस्म सत्ता कामेरे अंदर एक कायर टूटेगा -टूट मेरे मन टूटएक बार सही तरहअच्छी तरह टूटमत झूठमूठ - ऊब मत रूठमत डूब, सिर्फ टूट
~ रघुवीर सहाय
जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाँहिं।
सब अँधियारा मिटि गया, जब दीपक देख्या माँहि॥
मनुष्य का अहंकार और...
मोह ही उसे बर्बाद कर देता है,
उसे किसी शत्रु की जरूरत नहीं पड़ती...!!
भूमि और भाग्य का
एक ही स्वभाव है..!
जो भी बोया है..
वो निकलना तय है..!!
आज फिर नहीं आई नींद रात भर
क्योंकि कल पूरा दिन में सो रही थी !!
समय कई जख्म देता है इसलिये...घडी में फूल नहीं काटे होत है...!
खामोश रहोगे
तो
सच परेशान भी रहेगा
और पराजित भी होगा ।
सफल इतने बनो कि तुम्हे,पराजित करने के लिए प्रयास नहीं छल करना पड़े।
लोग हालचाल तक पूछना छोड़ देते हैं जब पता चल जाता है कि आप पैसे की वज़ह से असहाय और लाचार हो गए हों...
तू रहे मेरी हँसी में,
मैं रहूँ तेरी ख़ुशी में..
♥️♥️
इजहारे ऐ इश्क महफिल में आंखों ही आंखों में बयां हो रहाकैसे बचाते दिल को जब #कातिल से ही इश्क हो रहा था !!
बहुत आक्रामक, अभद्र और अपमानजनक लहजे
में बोलने का मतलब है कि,
अपनी बात पर भरोसा आपको कम है।
पंकज चतुर्वेदी