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World's Best Cow Hospital

अपने वजूद पर भरोसा रखो... लोग क्या सोचते है उससे फर्क नही पड़ता..!!

गांव बदलकर शहर हो रहे हैं, और इंसान बदलकर जहर हो रहे हैं…

वह नास्तिक है, जो अपने आप में विश्वास नहीं रखता। स्वामी विवेकानंद

आज से लक्ष्य पर धयान दूंगा दिशा खुद मिल जाएगी

हर कोई बचता रहा बाहर के तूफान से.. और हम ख़ुद को बचा भी ना पाए अंदर के तूफान से..!!

आज शाम है बहुत उदासकेवल मैं हूँ अपने पास। ~ भगवतीचरण वर्मा

हर दर्द का इलाज नही दवाखानेकुछ दर्द चले जाते हैंदोस्तों के साथ मुस्कुराने से …!!

ढल चुका है सूरज चांदनी भी खो रही है, मेरे साथ तेरी याद में, ये रात भी रो रही है..!! विरक्ति

मितरों 20 मिनट तक सांस रोक कर रखो, 👇 आपकी 'महबूबा' आपके कदमों मे होगी !

अगर पुरखों ने खेत में हल चलाकर "कलम" पकड़ने के लायक बनाया हैं, तो कलम का फर्ज हैं कि अब वह "हल" का कर्ज उतारे।

ज़ुबान और दिमाग़ तेज चलाने से ,रिश्तों की रफ़्तार धीमी पड़ जाती है …

ईलाज़ ये है कि मज़बूर कर दिया जाऊ,वरना यूं तो किसी की नही सुनी मैंने..

खुद मे झाकने के लिए ज़िगरा चाहिए,,,दुसरो की शीनाखत् मे हर शख्स माहिर है,,,

नशा सूरत का होता तो कब का उतर गया होता , मुझे तलब तो उसकी सादगी की है ..!!

कमियाँ हैं तो रहने दो साहब खुद को खुदा थोड़ी बनाना है..

रोज़ नया दिन निकलता है पर सूरज तो वही हैएक चक्कर घूम के दुबारा आपके पास आता हैऔर नया हो जाता है वैसे ही ये ज़िंदगी है जब आप चाहें उसे नया बना देअच्छाईयों के प्रकाश से इसको नई रौशनी देपुराने...

अगर कभी वक़्त में उनसे मुलाक़ात होगीसिर्फ़ रस्म निभाने की शायद वो क़वायद होगीहँसी आती है मुझको अब दरमियाँ आयेवजहों पर ,के अब एक अजनबी बन कर पहचान होगी…

दिल के मंदिरों में कहीं बंदगी नहीं करते, पत्थर की इमारतों में खुदा ढूंढ़ते हैं लोग ।

सारा ज़माना जब खिलाफ था भूलो नहीमें आपके बाप के कंधे से कन्धा मिलाए खड़ा था

जाने क्या बिगाड़ा है इस बनाने वाले नेहम बनते बनाते अनजान बन जाते हैं !!


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