रुकना नहीं है...
थकना नहीं है...
और झुकने का तो सवाल ही नहीं बनता !
कितने बीघे बिक गए बेटी को पढ़ाने में,
बेटी ने कपड़े खोल लिए रील बनाने में.....
आज फिर से ओढ़ ली उसनेख़ामोशी की चादरज़बान उसकी मगर चीखना चाहती थी
तुम कुछ इस तरह से हार जाना, की वो जीत करके भी पछताए...
एक व्यक्ति जो तुम्हें आगे ले जायेगा.. वो तुम स्वयं हो..।।
चेहरे कि सिलवटें बनने तक मयस्सर हो तेरा साथ,टूट रहीं हों जब मेरी सांसें सीने पर लगा हो तेरा हांथ..!!
भगवान आपकी जिंदगी रंगो से भरें..
न की रंग बदलने वालों से...!!!
अहंकार का बस इतना ही सच है
दिल से जुड़े रिश्ते भी खा जाता है।
रास्ते कभी बंद नहीं होते,
अक्सर लोग हिम्मत हार जाते हैं..!!
प्रेम चतुर्वेदी
मेरी मोहब्बत आधी ही रह गयी ,
पर उसका timepass पूरा हो गया
ये मत पूछो पहचान कहां तक है ,
तू बदनाम कर तेरी औकात जहां तक है..
याद रखना, ढलते वक्त में हाथ छोड़ा है,
हिसाब तो जरूर किया जाएगा ।
बचपन में तो यही स्टाइल था
हम खाली किताब थे...
लोग आते गए सबक छपता गया..!!
बांधते होंगे इश्क़ में लोग मन्नत के धागे….मैंने अपनी आंखें बांधी हैं प्रतीक्षा की चौखट पर..!♥️
कुछ बादलों की सी
है फितरत उनकी
छाते है मेरी छत पर
बरस कहीं और जाते है
बांट कर वक्त अपना
महफिल में गैरों की
बहानों भरे कुछ पल
हमको थमा देते है
रहूं हर पल उनके साथ
इस हसरत से वो
दिल में मेरी तस्वीर
बना कर रखते है
जानते...
हर दौर में जुल्म रहा हैं,
और हर दौर में ज़ालिम मिटा हैं।
कहते है किसी के घर ख़ाली हाथ नहीं जाना चाहिए..!!
इसलिए मैं अपना चार्जर साथ लेकर जाती हूँ ..!!
नूर दिखेगा नही चहरे पर
ना होगी चमक आंखों में
एक दफ़ा आईने में देखो खुद को
कितना फरेब छुपा है बातों में
कितना,और कितना बोलोगे झूठ ख़ुदसे...
हो ही नही सकता की खुशी मिलती हो खैरातो में
स्वीकारो तो...
लोगों की सुनोगे तो बिखर जाओगे,भगवान या अल्लाह की सुनोगे तो संवर जाओगे..!!