बिछड़ते वक्तगले लग कर इश्क़ वाले
अपनी रूह इक दूसरे मेंछोड़ आते हैं।
लोगों के काम आते रहिये,क्योंकि क़ुदरत का एक उसूल है, कि जिस कुएँ से लोग पानी पीते रहें, वो कभी सूखता नहीं है
कुछ लोग हमारी जिन्दगी में सिर्फ,
भरोसा तोड़ने के लिए आते हैं....
जिंदगी के सफर में उठे
मेरे कदम एक दूजे से बात करते हैं
साघते है ज़िन्दगी का सुर मीठा
और बहते आवारा हवा से तुम्हें याद करते है
राजेश गौरी
समशान सा हैं दिल मेरारोज़ न जानें कितने ख़्वाबजलकर राख होते हैं यहां..!!
अहंकार करने पर इंसान की प्रतिष्ठा, वंश वैभव तीनों ही समाप्त हो जाते हैं।
कर्म बदलिए, भाग्य अपने आप बदल जाएगा…
सुलह कराने में लगा हूं
दिल और दिमाग के बीच
दिल मानता नहीं
दिमाग सोंचता नहीं
कुसुरवार दोनों हैं
दिल स्वीकारता नहीं
दिमाग जानता नहीं
मुद्दा जो था वो रहा नहीं
जाने से पहले दोनों से कुछ कहा नहीं
जिंदगी में हर मौके का फायदा उठाओ
लेकिन किसी के विश्वास का बिल्कुल नहीं...
फासला इसलिए रखा मैंनेक्योंकि तुम करीब थे हर किसी के…..!!
हमारा खुद का एक रुतबा है,
आप कोई भी हो फर्क नहीं पड़ता
नए कपड़े बदल कर जाऊं कहां,और बाल बनाऊ किसके लिए..वो शख्स तो शहर ही छोड़ गया,मैं बाहर जाऊं किस के लिए...!!
जब शौक के लिए वक्त ना मिले,
तो समझ लेना जिन्दगी शुरु हो गई है ..
जो दूसरों का हक़ और ख़ुशी छीन लेता है,
उसके सुख की उम्र बहुत कम होती है।
साथ रोना
साथ हँसने से ज्यादा बड़ी चीज है।
ख़्वाब ख़्वाहिश ख़ैरियत है ज़िंदगीहक़ीक़त उल्फ़त कैफ़ियत है ज़िंदगी
एक उम्र के सौदे में बंधी हुईइनायत इबादत तबियत है ज़िंदगी..!
हिसाब भरी ज़िन्दगी को बेहिसाब जिया जाए ,
महीना सावन का आ गया है महादेव से इश्क किया जाए ..!!
जिंदगी एक खूबसूरत जाल है,
जितना...
सकारात्मक रहोगे उतनी सुलझती जाएगी..!!
ना आज मिले , न कल मिलें...
शिव शम्भू तो हर लम्हें हर पल पल में मिलें..!!
कितना बचा के रखते हैं हम समाज में अपनी छवि को,
जबकि बचाना हमें हमारे विचारों और कर्मों को चाहिए
अर्चना अनिरुद्ध