थकान भरी है जिंदगी....
पर मुझे अब खुद से छुट्टी चाहिए..!!
वक्त से हारा या जीता नही जाता,केवल सीखा जाता हैं..
रूठी हुई हैं वो ऐसे जैसे हम उन्हें मना लेंगे,मोहतरमा इतने वक़्त में तो हम दूसरी पटा लेंगे।
तड़प मेरे बेकरार दिल की कभी तो असर उन पे भी करेगी..... कभी तो वो भी जलेंगे इसमें जो आग दिल मे दहक रही है....
मुझे किसी रंग की जरूरत नहींलोग मेरी बातों से ही लाल पीले हो
झूठे लोग आगें बड़ गएहम बेवकूफ सच बोलते रह गए !!
अकेला चलना किसी के,
पीछा चलने से बेहतर है....
अभी भरा नहीं था गम पति के जाने का,
उससे पहले रिश्तेदारों ने बेघर कर दिया,
भरे नहीं थे घाव एक मां कि चूड़ी टूटने के,
बच्चा बड़ा होने से पहले उन्हें लावारिस कर दिया..!!
जो लोग ये समझ नही पाते कि औरत क्या चीज है ,
उन्हें पहले ये समझने की जरूरत है कि औरत चीज नही है..
हम ताश के वो इक्के हैं, जो बुरे वक्त में सबको याद आते हैं...
चाय कड़क होती है,उनके नरम हाथों की .!!
"सहनशील होना अच्छी बात है,परन्तु अन्याय का विरोध करनाउससे भी उत्तम है।"
-जयशंकर प्रसाद
तेरी आँखें नीले आसमान को लज्जित कर देती हैं,
तेरा मुस्काना फूलों को भी फीका कर देता है।
तेरे बालों की लहरों में, समंदर भी खो जाएगा,
तेरी आवाज़ से बुलबुल की चहचहाहट फीकी पड़ जाएगी।
तू है अपनी खूबसूरती में बेमिसाल।
तुझमें सारी सुंदरता...
ता उम्र के लिएं हाथ थामना होता है,ए पल दो पल का खेल नहीं होता...
भरोसा टूटा है वहम की सफाई मत दो
कहीं और जाकर मुंह मारो हमें सफाई मत दो
स्त्रीतत्व को छूना भी एक कला है,स्त्री काया नहीं हृदय है..
अगर आप किसी और के साथ गलत करने जा रहे हो तो अपनी बारी का इंतजार भी जरूर करना
हमेशा सही के साथ खड़े रहो,भले ही अकेला क्यों ना रहना पड़े…
घर में पड़ी दरार जब भरती नहींदीवार बन कर उठ खड़ी होती है।