कई बार हम जिस परिस्थिति से बचना चाहते हैं , उसी परिस्थिति में हमारे लिए क़ीमती सबक़ छिपा रहता है …
यहाँ खुशबू है वादियों में,यहाँ खुशबू है लोगों के किरदारों में !
प्यार हो या परिंदा, दोनों को आज़ाद छोड़ दो... अगर लौट आया तो तुम्हारा और अगर न लौटा तो वह तुम्हारा था ही नहीं कभी...
अपने संघर्ष को अपना जुनून बना लो..
जब तक वो तुम्हारी कहानी ना लिख दे..!!
आपकी नियत तय करती है,
आपकी नियति कैसी होगी....
जुबान खराब होना दिमाग
खराब होने की पहली निशानी है
मैंनेगुलाब कीमौन शोभा को देखा !उससे विनती कीतुम अपनीअनिमेष सुषमा कोशुभ्र गहराइयों का रहस्यमेरे मन की आंखों मेंखोलो !मैं अवाक् रह गया !वह सजीव प्रेम था !मैंने सूंघा,वह उन्मुक्त प्रेम था !मेरा हृदयअसीम माधुर्य से भर गया !
कोई बुतखाने में जाता है
कोई मयखाने में जाता है
सबको खुदा की तलाश है
जहां उम्मीद हो वहीं जाता है
स्वर्ग के सम्राट को खबर कर दो,
रोज ही आकाश चढ़ते आ रहे हैं हम..
मसला हल हुआ?
हुआ कि नही?
हमसा कोई मिला?
मिला कि नही?
छोड़िये हमको हम तो बे-दिल है।
आपका दिल लगा?
लगा कि नही?
सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाऊँगा मैं इस बात को, कि बहुत गौर से देखा था तुमने मेरी चाय को ...
दूसरो को नहीं...
खुद को समझना "चुनौती" है...!!
प्यार या नफ़रत सिर्फ़ बच्चे करते हैंबड़े होकर आदमी सिर्फ़ व्यापार करते हैं
आवाज तक नहीं हुईऔर सब कुछ टूटकर बिखर गया....!!
रिश्तों को जेबों में नहीं दिलों में रखिए …
जरुरी नहीं है कि कुछ तोड़ने के लिए पत्थर ही मारा जाए
लहजा बदल के बोलने से भी बहुत कुछ बदल जाता है..!!
कान भरने वाले से दूर रहा करो,
वरना ये लोग अपनों से दूर कर देंगे…
ना तो कोई किसी का मित्र है ना ही शत्रु है. व्यवहार से ही मित्र या शत्रु बनते हैं
तमाम शहर की हमदर्दी का क्या करता मुझे , किसी की ज़रूरत थी हर किसी की नहीं !!
तिनका सी मैं औरसंमुदर सा इश्क़,डूबने का डर औरडूबना हैं इश्क़ ,,,