मोह माया सब मृगतृष्णा है ...

मुझसे नफ़रत करनी है तो होंश से करना , ज़रा भी चुके तो मोहब्बत हो जाएगी ..!!

दौलत के नशे में यूँ लड़खड़ाते हैं कुछ लोग, गिरते गिरते हद से गिर जाते हैं कुछ लोग !!

इश्क है अगर तो शिकायत न कीजिए... और शिकवे हैं तो मोहब्बत ना कीजिए..!!

अम्बर हिले धरा डोले , पर हम अपना पथ न छोडें सागर सीमा भूले , पर हम अपना ध्येय न छोडें ||

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