कामयाबी का तभी "सिंहासन" होगा,जब आपका अपने "मन" पर शासन होगा।
हमको गर्लफ्रेंड तो चाहिए पर पत्नी बिना बॉयफ्रेंड की चाहिए। यही कारण है कि हम पत्नी में सीता का आदर्श देखना चाहते हैं पर स्वयं में राम नहीं देखना चाहते हैं ।अगर हमको सीता चाहिए तो स्वयं को राम बनना...
यहीं कहीं दफ़न हो जाएंगे मेरे साथ मेरे अरमान भी,मेरी वफ़ा के बदले मुझे "तड़पन" ईनाम मिली है..!!
हम ही हमको काट रहे हैं,हम ही हमको बाँट रहे हैं।
हम ही हैं जो पाटें खाई,हम ही हैं जो करें खुदाई।