आ तेरे संग एक पेंग बनायी जाये , ज़िन्दगी आ बैठ तुझे चाय पिलाई जाए...

कैसे उसने ये सब कुछ मुझसे छिपकर बदला , चेहरा बदला, रास्ता बदला बाद में घर बदला , मैं उसके बारे में ये कहती थी लोगो से , मेरा नाम बदल देना अगर वो शख्स बदला ..

अगर आप मोहब्बत में बेवक़ूफ़ नहीं हो सकते , तो आप मोहब्बत नहीं कर सकते...

चेहरा ढूँढोगे तो मुस्कान ही मिलेगी, वीरानियाँ अगर देखनी हैं तो रूह की तलाशी ले लो ..

मेरे ख्वाबो का कोई आशियाना नहीं हैं , अपने दर्दों को मुझे मिटाना नहीं हैं , मेरी मजबूरियों का फ़साना भी क्या अजीब हैं , मुझे रोना हैं पर किसी को बताना नहीं हैं ..

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