पहले लगता था कि.... तुम ही दुनिया हो... अब लगता है कि.... तुम भी दुनिया हो....!!!
सर जिनके सलामत हैं,वो शर्मिंदा तो होंगे, याद आएगा जब उनको कि दस्तार कहाँ है? ~ अभिषेक शुक्ला
दूर होने के फ़ैसले, काफ़ी क़रीब आ जाने के बाद लिए जाते हैं.
आ तेरे संग एक पेंग बनायी जाये , ज़िन्दगी आ बैठ तुझे चाय पिलाई जाए...
कैसे उसने ये सब कुछ मुझसे छिपकर बदला , चेहरा बदला, रास्ता बदला बाद में घर बदला , मैं उसके बारे में ये कहती थी लोगो से , मेरा नाम बदल देना अगर वो शख्स बदला ..